पंजाब(Punjab) बीजेपी के नए इंचार्ज और नेशनल जनरल सेक्रेटरी डॉ. सतीश पूनिया ने गुरुवार को पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में प्रस्तावित ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ की तैयारियों पर चर्चा हुई, जिसमें यात्रा के आयोजन, संभावित शेड्यूल और इसे असरदार बनाने की रणनीतियों पर खास तौर पर बात की गई। इसके अलावा, राज्य में बीजेपी के संगठन को मजबूत करने और पार्टी की आने वाली राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने पर भी बातचीत हुई।
इस बैठक में पंजाब के को-इंचार्ज डॉ. नरेंद्र रैना और स्टेट जनरल सेक्रेटरी (संगठन) श्रीनिवासुलु समेत कई सीनियर नेता शामिल हुए। मौजूद सभी नेताओं ने पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। पूनिया ने पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।
117 विधानसभा सीटों पर भाजपा की तैयारी
पंजाब भाजपा प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पूनिया ने राज्य में अपना संगठनात्मक आधार बढ़ाने पर खास जोर दिया है। इसी के साथ पार्टी की ओर से यह संकेत दिया गया है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब की सभी 117 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही नशे की समस्या को बड़ा और मजबूत मुद्दा बनाकर इसके खिलाफ विशाल अभियान चलाने की दिशा में भी पार्टी आगे बढ़ रही है।
प्रस्तावित ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ को भाजपा के इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य नशे के मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने के साथ संगठन को भी मजबूत करना है। पूनिया ने हाल की बैठकों में बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ बढ़ाने तथा अनुभवी नेताओं और नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर ताल-मेल बनाने की जरूरत बताई है।
पूनिया के सामने संगठन विस्तार की चुनौती
पंजाब में भाजपा के संगठन का विस्तार और चुनावी आधार मजबूत करना पूनिया के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में नशामुक्त पंजाब यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई यह बैठक पार्टी की आगामी रणनीति और राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राघव चड्ढा का पंजाब दौरा
आम आदमी पार्टी से अलग होने के बाद राघव चड्ढा का यह पंजाब में दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वह लुधियाना में आयोजित भाजपा की बैठक में नजर आए थे। हाल में मोहाली की मतदाता सूची में अपना नाम ट्रांसफर किए जाने को लेकर चड्ढा ने पंजाब की आप सरकार पर सवाल उठाए थे। अब भाजपा की बैठक में उनकी मौजूदगी को राज्य की आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चड्ढा की आगे की राजनीतिक भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।