नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में राहत और बचाव कार्य लगातार तेज किया जा रहा है। 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ के बाद सुरंग(Chilime tunnel) के कई हिस्सों में पानी और भारी मलबा भर गया था। इससे अंदर फंसे कर्मचारियों तक पहुंचना बचाव दल के लिए चुनौती बना हुआ है। भारतीय सुरंग बचाव दल नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे सुरंग में अभियान चला रहा है।
टीम ने सुरंग में जमा पानी निकालने के साथ शाफ्ट के अंदर गहराई तक खुदाई शुरू कर दी है। पानी कम होने से बचावकर्मियों को सुरंग के अंदर आगे बढ़ने और कमजोर हिस्सों को सुरक्षित करने में मदद मिल रही है। सुरंग में सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए सुरक्षा रस्सियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पानी और मलबे से भरे हिस्सों को पार करने के लिए फ्लोट और पंप भी लगाए गए हैं।
लांगतांग प्रोजेक्ट में भी तलाश जारी
भारतीय बचाव दल लांगतांग प्रोजेक्ट के आसपास भी राहत अभियान में जुटा है। यहां मलबा हटाकर लापता कर्मचारियों की तलाश की जा रही है। भारी मशीनरी और बड़े उपकरण सुरंग तक पहुंचाने के लिए इंजीनियरिंग टीमें अस्थायी मार्ग तैयार कर रही हैं जिससे अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा सहायता भी पहुंचा रहा भारत
भारत की मदद केवल बचाव अभियान तक सीमित नहीं है। भारतीय दल के साथ पहुंचे डॉक्टरों ने स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया जहां लोगों की जांच के साथ जरूरी चिकित्सा सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की टीमें लगातार मलबे और क्षतिग्रस्त ढांचों में तलाश अभियान चला रही हैं। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भी बताया कि भारतीय टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे सुरंग में पानी निकालने और गहराई तक खुदाई का काम कर रही है।