बठिंडा(Bathinda) में पुलिस सुरक्षा हासिल करने के लिए अपने ही घर पर कथित तौर पर फर्जी पेट्रोल बम हमला करवाने के मामले में आठ दिन बीतने के बावजूद दो आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फरार आरोपियों में मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ भाऊ का भाई रंजीत सिंह और हमले को अंजाम देने का आरोपित अमृतपाल सिंह शामिल है।
रंजीत सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख करते हुए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। इस याचिका पर 9 सितंबर को सुनवाई होनी है। थाना कैंट पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए भी उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।
सुरक्षा पाने के लिए रची गई कथित साजिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि भुच्चो खुर्द निवासी हरजीत सिंह और उसके भाई रंजीत सिंह ने कथित तौर पर पुलिस सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से हमले की योजना बनाई। जांच के मुताबिक, पहले मलेशिया में रहने वाले एक रिश्तेदार के जरिए मोबाइल फोन पर धमकी भरे संदेश भेजे गए।
इसके बाद तरनतारन के झबाल निवासी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ मोला और अमृतपाल सिंह को कथित तौर पर करीब 2,000 रुपये में हमले के लिए तैयार किया गया।
पहले हुई थी हमले की रिहर्सल
जांच में यह भी सामने आया कि 26 अगस्त की रात कथित हमले से पहले इसकी रिहर्सल की गई थी। पहले पानी से भरी बोतल घर की ओर फेंकी गई और बाद में पेट्रोल से भरी बोतल फेंककर हमला किया गया। अगले दिन 27 अगस्त को अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
CCTV और तकनीकी जांच से खुला मामला
शिकायत के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी जांच से मिले तथ्यों को भी जोड़ा। जांच आगे बढ़ने पर कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरजीत सिंह और अनमोलप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
अब पुलिस रंजीत सिंह और अमृतपाल सिंह की तलाश में जुटी है। रंजीत की अग्रिम जमानत पर 9 सितंबर की सुनवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।