Video of US Pilot Rescue Released: ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के गिरने के बाद उसके एक पायलट ने करीब 50 घंटे तक पहाड़ी इलाके में छिपकर अपनी जान बचाई। अमेरिकी चैनल CBS को दिए इंटरव्यू में पायलट के रेस्क्यू का वीडियो भी दिखाया गया। सुरक्षा कारणों से उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और उसे ‘ब्रावो’ नाम से संबोधित किया गया।
7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर पहुंचा
F-15E फाइटर जेट ईरानी मिसाइल की चपेट में आने के बाद गिर गया था। विमान में दो लोग सवार थे। एक को कुछ घंटे बाद ही बचा लिया गया, जबकि ब्रावो को रेस्क्यू करने में करीब 50 घंटे लगे। ब्रावो विमान DUDE 44 में वेपन सिस्टम्स ऑफिसर था। विमान के मलबे से करीब 8 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में उतरने के बाद वह लगभग 7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर चला गया, ताकि ईरानी सैनिकों से छिप सके।
Declassified footage of F-15E rescue operation in Iran, 2026 pic.twitter.com/BaK6OJVihG
— ᴅᴇᴡ (@Remnantize) September 14, 2026
गंभीर चोटों के बावजूद बचा
ब्रावो ने बताया कि पैराशूट से उतरते समय वह सीधे जमीन पर गिरा था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी, एक हाथ और कंधे में फ्रैक्चर हुआ। उसके टखने में मोच आई और सिर व चेहरे पर भी चोट लगी। उसने कहा कि इतनी चोटों के बाद भी उसका जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
Wonderful to hear Bravo the F15 copilot credit God with his survival.
"I believe it was God's provision in my life to bring me through that moment in a way that didn't prevent injuries but prevented catastrophic injuries."
The fall broke his back, shoulder and arm but he was… pic.twitter.com/T03uvpt1v5
— Jim Hanson (@JimHansonDC) September 14, 2026
पिस्तौल और लोकेशन डिवाइस था साथ
पहाड़ पर छिपे ब्रावो के पास एक पिस्तौल और मैसेज भेजने व अपनी लोकेशन बताने वाला डिवाइस था। इसी से वह अमेरिकी सेना के संपर्क में रहा और मदद का इंतजार करता रहा।
कुछ सौ मीटर तक पहुंची सेना
ब्रावो के लापता होने के बाद ईरानी सेना ने दोनों अमेरिकी सैनिकों की तलाश शुरू कर दी थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी सैनिक ब्रावो से कुछ सौ मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे। इस दौरान वह पहाड़ में छिपा रहा।
अल्फा को पहले किया गया रेस्क्यू
अमेरिकी सेना ने पहले दूसरे पायलट ‘अल्फा’ को ढूंढ लिया था। उसे सुरक्षित निकालने के लिए 21 विमान भेजे गए, जिनमें दो हेलिकॉप्टर भी शामिल थे। रेस्क्यू टीम पर ईरान की ओर से गोलीबारी भी हुई, लेकिन टीम अल्फा को सुरक्षित निकालने में सफल रही।
मैसेज से पता चला जिंदा है
ब्रावो का तब तक कोई पता नहीं चला था। उसी रात उसने अमेरिकी सेना को मैसेज भेजा। उसने लिखा, “मैं घायल हूं, आगे बढ़ रहा हूं। ईश्वर अच्छा है।” इस संदेश से अमेरिकी सेना को जानकारी मिली कि ब्रावो जिंदा है और मदद का इंतजार कर रहा है।
डेल्टा फोर्स और नेवी सील जुटी
ब्रावो को खोजने के लिए अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के सैकड़ों लोगों को लगाया गया। अभियान में आर्मी की डेल्टा फोर्स और नेवी सील टीम-6 के कमांडो भी शामिल थे। अमेरिकी टीम ने ईरान को गुमराह करने के लिए एक गुप्त ऑपरेशन भी चलाया। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने ब्रावो को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की थी।
CIA ने खोजी लोकेशन
ब्रावो ने एक और दिन पहाड़ों में छिपकर बिताया, जबकि अमेरिकी सेना उसके लिए दूसरे रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी करती रही। उसकी लोकेशन का पता लगाने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने मदद की। स्थान की जानकारी मिलने के बाद अमेरिकी बॉम्बर और ड्रोन ने आसपास मौजूद ईरानी सैनिकों पर हमला किया, जिसका उद्देश्य रेस्क्यू टीम के लिए रास्ता सुरक्षित करना था।
92 कमांडो पहुंचे ईरान
करीब दो दिन बाद 92 अमेरिकी स्पेशल ऑपरेटर्स ब्रावो को बचाने के लिए ईरान में दाखिल हुए। एयरफोर्स की रेस्क्यू टीम के दो जवान आखिरकार उसके पास पहुंचे। टीम को देखकर ब्रावो ने कहा, “वह मेरी जिंदगी के सबसे खास पलों में से एक था।”
रेस्क्यू के बाद भी मिशन जारी रहा
ब्रावो को सुरक्षित निकालने के बाद भी अभियान खत्म नहीं हुआ। रेस्क्यू में इस्तेमाल किए गए कुछ अमेरिकी विमान ईरान में ही फंस गए थे। बाद में अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अमेरिकी सेना ने पीछे छूटे विमानों को नष्ट कर दिया, ताकि उनकी सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लगे। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस अभियान को अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन बताया था।
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