Satya Niketan Incident: दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 81 साल के हरिराम गुप्ता, उनकी 75 साल की पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 साल के बेटे महेश गुप्ता का नाम शामिल है। तीनों को जज के सामने पेश किया गया।
हरिराम और उर्मिला 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
अदालत ने हरिराम गुप्ता और उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं उसके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। यह हादसा 6 सितंबर को हुआ था, जब सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी।
#WATCH | Satya Niketan Building Collapse Case: Delhi Police brought the arrested accused — Hariram, his wife Urmila, and their son Mahesh — to RK Puram Police Station.
The three accused were produced before a judge today. Hariram and Urmila Gupta were sent to 14 days of… pic.twitter.com/oOsCk8mzyP
— ANI (@ANI) September 7, 2026
संपत्ति उर्मिला के नाम
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में संपत्ति और उसके प्रबंधन से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि इमारत की संपत्ति कानूनी रूप से उर्मिला गुप्ता के नाम दर्ज है। हालांकि, इमारत का पूरा प्रबंधन उसका पति हरिराम गुप्ता संभाल रहा था। हरिराम भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड सार्जेंट है।
दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम
जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर हैं। वहीं उनका बेटा महेश गुप्ता भी इमारत के संचालन में अपने पिता की मदद करता था। महेश पेशे से हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है और उसके दो बच्चे हैं।
PG संचालक और ठेकेदार की तलाश जारी
बिल्डिंग मालिकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और प्रशासन ने अब पेइंग गेस्ट (PG) के संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर यानी ठेकेदार की तलाश तेज कर दी है। पुलिस दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक हादसे में उनकी भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 लोग निकाले गए
हादसे के बाद मौके पर संबंधित एजेंसियों की ओर से चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से सात लोगों की दुखद मौत हो गई।
सभी शव परिजनों को सौंपे गए
प्रशासन ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शव उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिए हैं। अब पुलिस मामले की आगे की जांच करते हुए अन्य संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
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