दिल्लीवासियों को जल्द ही सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा पहले से बेहतर मिलने वाली है। राजधानी में अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर करीब 1,000 नए और आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक तैयार करने की योजना बनाई गई है। इनमें बाजार, पार्क, हाईवे और ऐसे इलाके शामिल होंगे जहां आम लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। सरकार का उद्देश्य खास तौर पर उन जगहों पर सुविधा उपलब्ध कराना है, जहां सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में 500 आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक बनाने के लिए 127 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(CM Rekha Gupta) की अध्यक्षता में हुई वित्त एवं व्यय समिति (EFC) की बैठक में मंजूरी मिली है। पूरी योजना के लिए दिल्ली के बजट में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भीड़भाड़ वाले बाजारों, पार्कों के आसपास और सड़क किनारे स्थित उपयुक्त स्थानों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
कई इलाकों में चिन्हित किए गए स्थान
सरकार ने शुरुआती स्तर पर कई ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां नए टॉयलेट ब्लॉक बनाए जा सकते हैं। इनमें सिविल लाइंस, आनंद विहार, एम्स कैंपस, अगस्त क्रांति मार्ग, सूरजमल विहार, झिलमिल, लक्ष्मीबाई मार्ग, अरुणा नगर-तिमारपुर और मेटकॉफ हाउस सहित अन्य सार्वजनिक स्थान शामिल हैं।
CCTV और सोलर सिस्टम की भी सुविधा
नए टॉयलेट ब्लॉक सिर्फ सुविधा के लिहाज से ही आधुनिक नहीं होंगे, बल्कि सुरक्षा और ऊर्जा बचत पर भी ध्यान दिया जाएगा। एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे ताकि वहां लगातार निगरानी रखी जा सके।
इसके अलावा टॉयलेट ब्लॉक में ग्रिड से जुड़े सोलर सिस्टम लगाने की भी योजना है। इससे इन सुविधाओं के संचालन में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा और जरूरत से अधिक बनने वाली बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकेगा। इस तरह योजना का मकसद सार्वजनिक सुविधा के साथ सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता को भी बढ़ावा देना है।