मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी हाफिज सईद को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू की विशेष अदालत में अहम जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, हाफिज सईद इस समय पाकिस्तान में है और गिरफ्तारी से बच रहा है। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया। पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब जम्मू की विशेष NIA अदालत ने उसके खिलाफ ऐसा वारंट जारी किया है।
कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को मदद देने का आरोप
NIA ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद पाकिस्तान में रहते हुए कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकियों को हथियार, आर्थिक मदद और निर्देश उपलब्ध करा रहा है। एजेंसी का दावा है कि वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया था। यह जांच जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक मामले में चल रही है। इसकी शुरुआत मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। उसे श्रीनगर के बाहरी इलाके पांडाच में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया था। उसके पास से चीन निर्मित एक ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद होने की बात सामने आई थी।
हथियारों की बरामदगी से आगे बढ़ी जांच
नकीब भट के खिलाफ जकोरा थाने में UAPA, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई आतंकियों की गिरफ्तारी हुई। लश्कर के ऑफशूट द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े लोगों को भी जांच में शामिल किया गया। NIA के अनुसार, मामले में दो पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद जांच में हाफिज सईद की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकियों के उसके साथ संबंध होने की जानकारी मिली है। इसी जांच के आधार पर NIA ने उसके पाकिस्तान में मौजूद होने की बात अदालत के सामने रखी।
जुलाई के बाद फिर जारी हुआ गैर-जमानती वारंट
8 सितंबर को हुई सुनवाई में विशेष जज प्रेम सागर ने कहा कि जांच के दौरान हाफिज सईद की भूमिका सामने आई है और वह फरार है। अदालत ने माना कि जांच एजेंसी सामान्य प्रक्रिया के जरिए उसकी अदालत में पेशी सुनिश्चित नहीं कर सकी। इसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। इस तरह के वारंट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया जा सकता है।
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