5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू(President Droupadi Murmu) नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। सम्मान पाने वाले शिक्षकों में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय विद्यालय और पीएम श्री स्कूलों सहित अलग-अलग संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।
चयनित 48 शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिलाएं हैं। राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के तीन शिक्षकों को चुना गया है जबकि बिहार और मध्य प्रदेश से दो-दो शिक्षक इस सम्मान के लिए चयनित हुए हैं। कुल मिलाकर 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षकों का चयन किया गया है।
लातूर के गणित शिक्षक भी सूची में शामिल
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 पाने वाले शिक्षकों में महाराष्ट्र के लातूर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के गणित शिक्षक वैभव वसंतराव कुलकर्णी भी शामिल हैं। उनके पास तीन दशक से अधिक समय का शिक्षण अनुभव है।
कुलकर्णी ने गणित को छात्रों के लिए आसान और समझने योग्य बनाने के लिए पारंपरिक तरीकों से अलग कई प्रयोग किए। उन्होंने कम खर्च में तैयार होने वाले लर्निंग एड्स विकसित किए, ताकि विद्यार्थी गणितीय अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।
तीन स्तरों पर हुआ शिक्षकों का चयन
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में किया गया। इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों की पहचान करना है, जिन्होंने अपने काम के जरिए स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
1958 में शुरू हुआ था राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1958 में हुई थी। इसका मकसद समर्पित शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान देना है। पुरस्कार के लिए ऐसे शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, छात्रों की सीखने की क्षमता विकसित करने, नए शिक्षण तरीकों को अपनाने और दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश करने में उल्लेखनीय काम किया हो।