पंजाब में विदेश से बैठकर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, कुख्यात गैंगस्टर अमृतपाल सिंह(Amritpal Singh) उर्फ अमृत दलम उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत वापस लाया गया है।
पुलिस का दावा है कि अमृतपाल फर्जी पहचान और पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से फरार हुआ था। देश छोड़ने के बाद उसने अलग-अलग देशों में अपने ठिकाने बदले और आखिरकार मोल्दोवा पहुंच गया। पुलिस के अनुसार, करीब छह महीने तक चले खुफिया सूचनाओं पर आधारित अंतरराष्ट्रीय अभियान के बाद उसकी गिरफ्तारी और भारत वापसी संभव हो सकी। पंजाब पुलिस ने इसे यूरोप के किसी देश से गैंगस्टर के पहले प्रत्यर्पण के तौर पर बताया है।
फर्जी पासपोर्ट से भागा था विदेश
पुलिस के अनुसार, यह मामला अक्टूबर 2024 के आखिरी सप्ताह से शुरू हुआ। अमृतपाल सिंह कथित तौर पर चंडीगढ़ से जारी एक फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश से बाहर गया था। पासपोर्ट में उसकी पहचान गुरपाल सिंह के नाम से दर्ज थी। भारत से निकलने के बाद वह पहले UAE पहुंचा और फिर अलग-अलग देशों से होते हुए मोल्दोवा चला गया।
पुलिस के मुताबिक, 24 फरवरी 2026 को वह ओटासी स्टेट बॉर्डर के रास्ते यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था, तभी मोल्दोवा के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मोल्दोवा की अदालत ने दी मंजूरी
अमृतपाल की भारत वापसी के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई। पुलिस ने उसके फर्जी पासपोर्ट और संभावित ठिकानों की जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की, जिसके बाद रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। 26 मई 2026 को मोल्दोवा की अदालत ने उसे भारत लौटने को मंजूरी दी थी।
आरोपी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील की लेकिन 16 जुलाई 2026 को Court of Appeal Centru ने उसकी अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रत्यर्पण का आदेश अंतिम हो गया और पंजाब पुलिस की टीम उसे भारत वापस लाने में सफल रही। इस पूरी कार्रवाई में AGTF और OFTEC पंजाब ने केंद्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया।