Drug Network Busted in Okhla: दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महिला समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1.3 किलो स्मैक और 3.71 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। नकदी की जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है।
गिरोह में अलग-अलग जिम्मेदारियां
पुलिस के मुताबिक, गिरोह में नशा बेचने वाले पेडलर, डिस्ट्रीब्यूटर, बिचौलिए और लॉजिस्टिक्स संभालने वाले लोग, सप्लायर और नशीले पदार्थ का स्टॉक रखने वाले सदस्य शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में किरण उर्फ राम प्रसाद, नीरज उर्फ थापा, अशोक उर्फ रामू, मनिया उर्फ सुमन पाठक, विक्की, गुड्डू, सुनीत उर्फ नन्हे और गोपी सिंह समेत अन्य शामिल हैं। अब्दुल्ला और करण को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
अप्रैल में शुरू हुई कार्रवाई
दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार के अनुसार, अप्रैल में दो स्थानीय ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से बरामद नशे के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की। 27 अप्रैल, 2026 को ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई थी।
चार महीने तक चली जांच
एसीपी सरिता विहार अनिल शर्मा, ओखला थानाध्यक्ष अनिल मलिक और ओखला फेज-तीन चौकी प्रभारी एवं जांच अधिकारी एसआई चंद्रवीर की टीम ने करीब चार महीने तक जांच की। इसी दौरान पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ते हुए स्थानीय पेडलर्स से सप्लायर तक पूरे नेटवर्क का पता लगाया।
पेडलर्स से खुला राज
झुग्गी, बालाजी एस्टेट, गोविंदपुरी निवासी 22 वर्षीय अब्दुल्ला को 11.12 ग्राम स्मैक और संजय कॉलोनी, ओखला फेज-दो निवासी 18 वर्षीय करण को 13.53 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में दोनों ने ड्रग्स सप्लाई करने वाले किरण का नाम बताया। इसके बाद गोविंदपुरी थाने के एक अलग मामले में गिरफ्तार किरण को इस मामले की जांच में शामिल किया गया।
किरण से आगे बढ़ी जांच
जांच अधिकारी एसआई चंद्रवीर ने प्रोडक्शन वारंट लगाकर किरण को दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। पूछताछ में संजय कॉलोनी निवासी नीरज उर्फ थापा (35) को 9 ग्राम और अशोक उर्फ रामू (44) को 7 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों ने नशीला माल लेने के लिए मनिया नाम की महिला सप्लायर से संपर्क बनाया था।
ऑटो से सप्लाई का तरीका
पुलिस के अनुसार, मनिया उर्फ सुमन पाठक ऑटो-रिक्शा की मदद से चुपचाप नशीले पदार्थों का कारोबार करती थी। इसके बाद पुलिस ने मनिया, विक्की और गुड्डू को गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह का कनेक्शन फरीदाबाद के सप्लायर सुनीत उर्फ नन्हे से सामने आया।
फरीदाबाद तक पहुंचा नेटवर्क
पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी कर सुनीत उर्फ नन्हे को पकड़ा। जांच के मुताबिक, सुनीत अपने जीजा और कारोबारी पार्टनर गोपी सिंह के साथ मिलकर काम कर रहा था। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और गोपी सिंह की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई जारी है।
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