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फटा पैराशूट, टूटी हड्डियां, 50 घंटे पहाड़ों में छिपा, सिर पर मंडरा रही थी मौत… जानिए ईरान के डेथ जोन से कैसे जिंदा निकला अमेरिकी पायलट?

Video of US Pilot Rescue Released: ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के गिरने के बाद उसके एक पायलट ने करीब 50 घंटे तक पहाड़ी इलाके में छिपकर अपनी जान बचाई। अमेरिकी चैनल CBS को दिए इंटरव्यू में पायलट के रेस्क्यू का वीडियो भी दिखाया गया। सुरक्षा कारणों से उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और उसे ‘ब्रावो’ नाम से संबोधित किया गया।

7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर पहुंचा

F-15E फाइटर जेट ईरानी मिसाइल की चपेट में आने के बाद गिर गया था। विमान में दो लोग सवार थे। एक को कुछ घंटे बाद ही बचा लिया गया, जबकि ब्रावो को रेस्क्यू करने में करीब 50 घंटे लगे। ब्रावो विमान DUDE 44 में वेपन सिस्टम्स ऑफिसर था। विमान के मलबे से करीब 8 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में उतरने के बाद वह लगभग 7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर चला गया, ताकि ईरानी सैनिकों से छिप सके।

गंभीर चोटों के बावजूद बचा

ब्रावो ने बताया कि पैराशूट से उतरते समय वह सीधे जमीन पर गिरा था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी, एक हाथ और कंधे में फ्रैक्चर हुआ। उसके टखने में मोच आई और सिर व चेहरे पर भी चोट लगी। उसने कहा कि इतनी चोटों के बाद भी उसका जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था।

पिस्तौल और लोकेशन डिवाइस था साथ

पहाड़ पर छिपे ब्रावो के पास एक पिस्तौल और मैसेज भेजने व अपनी लोकेशन बताने वाला डिवाइस था। इसी से वह अमेरिकी सेना के संपर्क में रहा और मदद का इंतजार करता रहा।

कुछ सौ मीटर तक पहुंची सेना

ब्रावो के लापता होने के बाद ईरानी सेना ने दोनों अमेरिकी सैनिकों की तलाश शुरू कर दी थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी सैनिक ब्रावो से कुछ सौ मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे। इस दौरान वह पहाड़ में छिपा रहा।

अल्फा को पहले किया गया रेस्क्यू

अमेरिकी सेना ने पहले दूसरे पायलट ‘अल्फा’ को ढूंढ लिया था। उसे सुरक्षित निकालने के लिए 21 विमान भेजे गए, जिनमें दो हेलिकॉप्टर भी शामिल थे। रेस्क्यू टीम पर ईरान की ओर से गोलीबारी भी हुई, लेकिन टीम अल्फा को सुरक्षित निकालने में सफल रही।

मैसेज से पता चला जिंदा है

ब्रावो का तब तक कोई पता नहीं चला था। उसी रात उसने अमेरिकी सेना को मैसेज भेजा। उसने लिखा, “मैं घायल हूं, आगे बढ़ रहा हूं। ईश्वर अच्छा है।” इस संदेश से अमेरिकी सेना को जानकारी मिली कि ब्रावो जिंदा है और मदद का इंतजार कर रहा है।

डेल्टा फोर्स और नेवी सील जुटी

ब्रावो को खोजने के लिए अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के सैकड़ों लोगों को लगाया गया। अभियान में आर्मी की डेल्टा फोर्स और नेवी सील टीम-6 के कमांडो भी शामिल थे। अमेरिकी टीम ने ईरान को गुमराह करने के लिए एक गुप्त ऑपरेशन भी चलाया। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने ब्रावो को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की थी।

CIA ने खोजी लोकेशन

ब्रावो ने एक और दिन पहाड़ों में छिपकर बिताया, जबकि अमेरिकी सेना उसके लिए दूसरे रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी करती रही। उसकी लोकेशन का पता लगाने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने मदद की। स्थान की जानकारी मिलने के बाद अमेरिकी बॉम्बर और ड्रोन ने आसपास मौजूद ईरानी सैनिकों पर हमला किया, जिसका उद्देश्य रेस्क्यू टीम के लिए रास्ता सुरक्षित करना था।

92 कमांडो पहुंचे ईरान

करीब दो दिन बाद 92 अमेरिकी स्पेशल ऑपरेटर्स ब्रावो को बचाने के लिए ईरान में दाखिल हुए। एयरफोर्स की रेस्क्यू टीम के दो जवान आखिरकार उसके पास पहुंचे। टीम को देखकर ब्रावो ने कहा, “वह मेरी जिंदगी के सबसे खास पलों में से एक था।”

रेस्क्यू के बाद भी मिशन जारी रहा

ब्रावो को सुरक्षित निकालने के बाद भी अभियान खत्म नहीं हुआ। रेस्क्यू में इस्तेमाल किए गए कुछ अमेरिकी विमान ईरान में ही फंस गए थे। बाद में अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अमेरिकी सेना ने पीछे छूटे विमानों को नष्ट कर दिया, ताकि उनकी सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लगे। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस अभियान को अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन बताया था।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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