Putin Departs India After BRICS Visit: भारत की मेजबानी में आयोजित दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार को नई दिल्ली से रूस के लिए रवाना हो गए। उनके साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली भी रविवार को दिल्ली से रवाना हुए।
#WATCH | Delhi: Russian President Vladimir Putin departs from Delhi after participating in the BRICS Summit 2026. pic.twitter.com/j82XieLHIm
— ANI (@ANI) September 13, 2026
BRICS में लिया हिस्सा
भारत दौरे के दौरान रुसी राष्ट्रपति पुतिन ने BRICS के दो सत्रों में हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का दौरा किया। रूसी राष्ट्रपति ने BRICS बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को भी संबोधित किया।
पश्चिमी देशों पर निशाना
शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों पर भी तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापार और कूटनीति जैसे माध्यमों का इस्तेमाल दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए किया जा रहा है।
रूस पर लगाए गए 30 हजार से ज्यादा प्रतिबंध- पुतिन
पुतिन ने दावा किया कि रूस पर अब तक 30000 से अधिक प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। उनके मुताबिक, रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की संख्या दुनिया के बाकी सभी देशों पर लगाए गए कुल प्रतिबंधों से भी दोगुने से अधिक है।
मोदी-पुतिन की अहम बैठक
BRICS शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।
2030 कार्यक्रम पर बातचीत
बैठक में ‘प्रोग्राम फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2030’ को लागू करने से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने भारत-रूस सहयोग की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए आगे की संभावनाओं पर विचार किया।
कई क्षेत्रों में सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति जैसे अहम क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा
द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों सहित कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन संघर्षों का असर समुद्री व्यापार पर पड़ने के साथ भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है।
भारत-रूस संबंधों पर फोकस
पुतिन की दिल्ली यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा। BRICS शिखर सम्मेलन के मंच के साथ-साथ द्विपक्षीय वार्ता ने भारत और रूस के संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों को चर्चा के केंद्र में रखा।
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