इंटरनेट अब पढ़ाई, नौकरी, कारोबार और रोजमर्रा की बातचीत का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में आज भी मोबाइल नेटवर्क और फाइबर कनेक्टिविटी कमजोर है। ऐसे क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए रिलायंस जियो सैटेलाइट आधारित सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में करीब 1600 सैटेलाइट का नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि जियो के सैटेलाइट पृथ्वी से लगभग 650 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगाएंगे। इनकी मदद से उन इलाकों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपलब्ध कराने की कोशिश होगी, जहां टावर लगाना या फाइबर केबल पहुंचाना आसान नहीं है।
2035 तक 1600 सैटेलाइट का लक्ष्य
रिपोर्ट के अनुसार, जियो 2027 में सीमित संख्या में सैटेलाइट के साथ टेस्ट फ्लाइट शुरू कर सकता है। इसके बाद 2028 की शुरुआत से बड़े स्तर पर सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी बताई गई है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक करीब 400 से 500 सैटेलाइट तैनात करना है। वहीं, 2035 तक लगभग 1600 सैटेलाइट वाला पूरा नेटवर्क तैयार करने की योजना बताई गई है। इस तकनीक का खास फायदा उन क्षेत्रों को मिल सकता है, जहां जमीन पर इंटरनेट का ढांचा तैयार करना मुश्किल है। गांवों, पहाड़ी इलाकों और दूरस्थ क्षेत्रों में सैटेलाइट के जरिए सीधे ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
Starlink और Amazon Leo से मुकाबला
जियो की सैटेलाइट इंटरनेट योजना लागू होने पर भारत में इस क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। कंपनी की सीधी टक्कर Starlink और Amazon Leo जैसी सेवाओं से होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, Starlink के सैटेलाइट करीब 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर काम करते हैं, जबकि जियो का प्रस्तावित नेटवर्क करीब 650 किलोमीटर की ऊंचाई पर होगा।
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