सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादलों को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार एक नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने जा रही है. इस नई नीति के तहत शिक्षकों का ट्रांसफर मेरिट और पॉइंट सिस्टम के आधार पर किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले ‘सेवा पखवाड़े’ के दौरान इस नीति का औपचारिक ऐलान कर सकती है. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बिना किसी सिफारिश के खाली पदों पर निष्पक्ष तरीके से तैनाती सुनिश्चित करना है.
विभिन्न श्रेणियों के अनुसार मिलेंगे स्पेशल अंक
प्रस्तावित नीति में शिक्षकों को उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक प्रोफाइल के आधार पर अंक आवंटित किए जाएंगे, जिसके आधार पर ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी. इसमें शिक्षकों की पारिवारिक स्थिति, शारीरिक अक्षमता, महिला, सिंगल पैरेंट्स और लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनाती जैसी स्थितियों के लिए अतिरिक्त वेटेज दिए जाने पर विचार चल रहा है. किस परिस्थिति के लिए कितने अंक तय होंगे, इसका अंतिम खाका जल्द तैयार कर लिया जाएगा.
यूनिक ID से जुड़ेगा पूरा सर्विस रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत हर शिक्षक को एक यूनिक पहचान पत्र (यूनिक ID) आवंटित किया जाएगा. इसके जरिए एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस बनेगा जिसमें शिक्षक का पूरा सर्विस रिकॉर्ड, वर्तमान स्कूल में कार्यकाल और पिछली पोस्टिंग का ब्योरा दर्ज रहेगा. पोर्टल के माध्यम से शिक्षक अपनी जानकारी देखने के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रांसफर विंडो खुलने पर आसानी से आवेदन भी कर सकेंगे.
हरियाणा मॉडल का अध्ययन कर तैयार हुआ खाका
इस नीति को बनाने के लिए सरकार ने हरियाणा के कंप्यूटराइज्ड ट्रांसफर मॉडल का गहन अध्ययन किया है. हरियाणा में कुल 80 अंकों के आधार पर पारदर्शी आवंटन होता है, जिसमें 60 अंक उम्र को और 20 अंक विशेष श्रेणियों (जैसे महिला कर्मचारी, विधवा-विधुर, कपल केस और सिंगल महिला) के लिए रखे गए हैं. इसी तर्ज पर स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंकों का विभाजन लागू किया जाएगा.
आपत्ति निस्तारण और मैपिंग के बाद जारी होगी ट्रांसफर सूची
तबादला प्रक्रिया शुरू करने से पहले स्कूलों में छात्रों की संख्या, स्वीकृत पदों और विषयवार शिक्षकों की आवश्यकता का डेटा मैप किया जाएगा. इसके बाद शिक्षक अपना सर्विस रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित करेंगे और विभाग अंकों की सूची सार्वजनिक करेगा. यदि किसी शिक्षक को अपने पॉइंट या रिकॉर्ड पर आपत्ति होगी, तो वे दर्ज करा सकेंगे. सभी आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही अंतिम ट्रांसफर सूची जारी की जाएगी.
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