उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने देश के दूसरे सबसे आधुनिक नौसैन्य डिस्ट्रॉयर ‘कांग गॉन’ को अपनी नौसेना में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है. वॉनसान के पूर्वी बंदरगाह शहर में आयोजित एक समारोह के दौरान किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ रेड कार्पेट पर चलते हुए युद्धपोत का निरीक्षण करते नजर आए. दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी इस बेटी को किम का संभावित उत्तराधिकारी मानती है. किम ने इस मौके पर नौसेना को परमाणु हथियारों से पूरी तरह लैस करने और एक अधिक विश्वसनीय परमाणु निरोधक क्षमता तैयार करने का आह्वान किया.
🇰🇵🪖 Corea del Norte pone en funcionamiento el nuevo destructor Kang Kon
🛥 Kim Jong-un anunció la puesta en servicio del segundo destructor de la clase Choe Hyon, declarando que el buque de nueva generación debe asestar "un golpe de represalia letal a los enemigos" como parte… pic.twitter.com/Rf1iGwCiG1
— Sputnik Mundo (@SputnikMundo) September 7, 2026
5 हजार टन का युद्धपोत और परमाणु क्षमता
5,000 टन वजनी ‘कांग गॉन’ और इससे पहले जून में नौसेना में शामिल किया गया ‘चोए ह्योन’ दोनों उत्तर कोरिया के सबसे उन्नत युद्धपोत हैं. ये दोनों डिस्ट्रॉयर परमाणु क्षमता से लैस मिसाइलों को दागने में सक्षम हैं. समारोह को संबोधित करते हुए किम जोंग उन ने कहा कि एक के बाद एक दो शक्तिशाली डिस्ट्रॉयर्स के शामिल होने से दुश्मनों की चिंताएं बढ़ना तय है. उन्होंने जोर देकर कहा कि नौसेना का परमाणुकरण देश की समुद्री सुरक्षा और युद्ध में परमाणु रणनीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन को अभूतपूर्व मजबूती देगा.
त्रिपक्षीय ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास की शुरुआत
उत्तर कोरिया की यह बड़ी सैन्य उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने जेजू द्वीप के पास अपना पांच दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम एज’ शुरू किया है. हालांकि दक्षिण कोरियाई सेना ने इसे उत्तर कोरिया की परमाणु धमकियों के खिलाफ एक रक्षात्मक अभ्यास करार दिया है, लेकिन प्योंगयांग इसे अपने खिलाफ सीधा सुरक्षा खतरा और उकसावे की कार्रवाई मानता है.
ट्रंप की रियायत खारिज और मिसाइल परीक्षण
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन के प्रति मित्रवत रुख दिखाते हुए पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास को काफी छोटा करने का निर्देश दिया था, जिसके चलते अभ्यास को 21 अगस्त को छह दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया. हालांकि, किम की बहन किम यो जोंग ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अभ्यास छोटा करने से उसकी आक्रामक नीयत नहीं बदलती. इसके तुरंत बाद उत्तर कोरिया ने समुद्र की तरफ लगभग 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर अपना विरोध दर्ज कराया था.
कुटनीतिक गतिरोध और बढ़ता दबाव
वर्ष 2019 में किम और ट्रंप के बीच वार्ता टूटने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हो सके हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस और चीन के साथ बढ़ते सहयोग और अपने मजबूत होते परमाणु कार्यक्रम के बल पर किम अब अमेरिका से बड़ी रियायतें हासिल करने के इरादे से दबाव बढ़ा रहे हैं. किम ने स्पष्ट किया है कि बातचीत तभी संभव होगी जब अमेरिका अपनी ‘शत्रुतापूर्ण नीति’ का त्याग करे.
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