Raebareli Lekhpal Case: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक क्षेत्रीय लेखपाल पर मकान गिरने की रिपोर्ट लगाने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता महिला का दावा है कि जब उसने रिश्वत देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल ने उसकी मां से बेटी को उनके पास भेजने की बात कही। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद जांच लालगंज क्षेत्राधिकारी सुजीत राय को सौंपी गई।
बारिश में गिरा मकान
मामला लालगंज क्षेत्र के एक गांव का है, जहां भारी बारिश के कारण एक परिवार का मकान गिर गया था। घर गिरने की घटना की जांच-पड़ताल के लिए क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि जांच के दौरान लेखपाल ने खर्चा-पानी के नाम पर रिश्वत की मांग की।
बेटी को भेजने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब परिवार ने बताया कि उनके पास खर्चा-पानी देने के लिए पैसे नहीं हैं, तब लेखपाल ने उसकी मां से कहा कि, ”यह जो लड़की खड़ी है इसी को भेज दो।” महिला ने इस कथित टिप्पणी को लेकर अधिकारियों से शिकायत की है।
रिपोर्ट पर भी सवाल
महिला का आरोप है कि लेखपाल की बात नहीं मानने के बाद मकान गिरने की घटना को लेकर गलत रिपोर्ट लगा दी गई। उसके मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया कि उनका मकान नहीं गिरा, बल्कि उनके चाचा का घर गिरा है। इसी रिपोर्ट को लेकर परिवार ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी।
तहसील दिवस में शिकायत
शिकायतकर्ता लड़की का कहना है कि वह मामले को लेकर तहसील दिवस में SDM के पास पहुंची थी। उसका आरोप है कि वहां SDM उसकी बात पर विश्वास नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बहुत भ्रष्टाचार है, और अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह आत्महत्या कर लेंगी। परिवार ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
SDM का जवाब
लालगंज के SDM राजेश कुमार श्रीवास्तव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा। SDM के मुताबिक, शिकायतकर्ता की शादी हो चुकी है और वह अपने पति के साथ रह रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वह मकान गिरने की सहायता राशि स्वयं लेना चाहती है।
सीओ की जांच में क्या मिला
लालगंज सीओ सुजीत राय ने बताया कि मामले की जांच की गई है। उनके अनुसार, लड़की द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए। जांच में लेखपाल पर रिश्वत मांगने और लड़की को भेजने की बात कहने के आरोप भी सही नहीं मिले।
आरोप बनाम जांच
इस मामले में एक ओर शिकायतकर्ता परिवार ने लेखपाल पर रिश्वत मांगने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए हैं, वहीं एसडीएम और सीओ ने इन आरोपों को गलत बताया है। ऐसे में मामले में शिकायतकर्ता के दावों और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बीच स्पष्ट अंतर सामने आया है।
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