Indonesia Ship Missing: इंडोनेशिया में रविवार को 240 लोगों को लेकर जा रहा यात्री जहाज विर्गो ट्रांसपोर्ट 8 अचानक लापता हो गया। यह जहाज पूर्वी जावा के सुराबाया से बंजारमासिन की ओर जा रहा था। जावा सागर में जहाज से संपर्क टूटने के बाद अधिकारियों ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू कर दिया है।
कम्युनिकेशन फेलियर
बंजारमासिन स्थित सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के अनुसार, यात्रा के दौरान जहाज में कम्युनिकेशन फेलियर हुआ था। इसके बाद अधिकारियों का जहाज से संपर्क नहीं हो पाया। जहाज की आखिरी लोकेशन जावा सागर में बंजारमासिन के एक पियर से करीब 148 किलोमीटर दूर दर्ज की गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जहाज के लापता होने की सूचना के बाद रेस्क्यू टीमें समुद्री क्षेत्र में उसकी तलाश कर रही हैं। फिलहाल जहाज में सवार यात्रियों के हताहत होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारी लगातार संभावित इलाके में खोज अभियान चला रहे हैं।
पहले भी हुए बड़े हादसे
इंडोनेशिया में इससे पहले भी कई गंभीर समुद्री हादसे हो चुके हैं। 1981 में तंपोमास-2 नाम का यात्री जहाज जावा सागर में डूब गया था, जिसमें करीब 430 लोगों की मौत हुई थी। 2006 में सेनोपाती नुसंतारा यात्री फेरी खराब मौसम के दौरान जावा सागर में डूब गई थी। इस हादसे में 400 से ज्यादा लोग मारे गए या लापता हुए थे।
फेरी में आग और डूबने की घटनाएं
2007 में लेविना-1 फेरी में आग लगने के बाद वह डूब गई थी। इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 2018 में लेस्तारी माजू फेरी दक्षिण सुलावेसी के पास डूब गई थी, जिसमें 36 लोगों की जान गई थी।
समुद्री हादसों का खतरा
इंडोनेशिया में 17 हजार से ज्यादा द्वीप हैं और करीब 28 करोड़ की आबादी का बड़ा हिस्सा अलग-अलग द्वीपों पर रहता है। शहरों और द्वीपों के बीच आवागमन के लिए फेरी और यात्री जहाज बेहद अहम हैं। बड़ी संख्या में लोग रोज इनसे यात्रा करते हैं।
मौसम भी चुनौती
इंडोनेशिया में तेज बारिश, आंधी और ऊंची समुद्री लहरों का खतरा रहता है। खराब मौसम में छोटे और मध्यम आकार के जहाजों के लिए समुद्री यात्रा मुश्किल हो सकती है।
सुरक्षा पर सवाल
कई समुद्री हादसों की जांच में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होने और सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करने जैसी खामियां सामने आई हैं। हालांकि, प्रत्येक समुद्री हादसे की वजह अलग हो सकती है।
फिलीपींस में भी बड़ा हादसा
इससे पहले बुधवार रात फिलीपींस में एक यात्री फेरी में भीषण आग लग गई थी। हादसे में अब तक 76 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लोग लापता हैं। फेरी में कुल 132 लोग सवार थे और 43 लोगों को बचा लिया गया।
मंजिल से पहले लगी आग
यह फेरी राजधानी मनीला से कोरोन जा रही थी और अपनी मंजिल से करीब 39 किलोमीटर पहले आग की चपेट में आ गई। इंडोनेशिया की तरह फिलीपींस में भी द्वीपों के बीच आवागमन के लिए फेरी बड़ा साधन हैं।
डोना पाज हादसा
फिलीपींस में पहले भी बड़े समुद्री हादसे हो चुके हैं। 1987 में डोना पाज फेरी एक तेल टैंकर से टकराकर डूब गई थी। इस हादसे में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसे दुनिया का सबसे घातक शांतिपूर्ण समय का समुद्री हादसा माना जाता है।
Read More:

