Haryana Sanitation Worker Strike: हरियाणा में 36 दिन से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। शुक्रवार को शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी के साथ बैठक में अधिकतर मांगों पर सहमति बनने के बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ के नेताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। अब प्रदेशभर में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाकर जमा कचरे को हटाया जाएगा।
6 अगस्त से चल रही थी हड़ताल
सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 6 अगस्त से हड़ताल पर थे। इस दौरान 73 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया, जबकि 10 नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
बर्खास्तगी और मुकदमे वापस
बैठक में सभी बर्खास्त और निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने और दर्ज मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी है। नियमित कर्मचारियों का सस्पेंशन बहाल किया जाएगा। सेवा समाप्त किए गए पालिका रोल और HKRNL कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने पर भी सहमति बनी है। मुकदमे वापस लेने के मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई होगी।
भत्तों में बदलाव
सफाई कर्मचारियों को एकमुश्त वर्दी भत्ते के बजाय 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता दिया जाएगा। पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने की हिदायतें जारी हो चुकी हैं, जबकि नियमित कर्मचारियों को भी जोखिम भत्ता देने पर सहमति बनी है। समान काम-समान वेतन और एरियर का पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को हिदायतों के अनुसार एलटीसी का लाभ दिया जा रहा है। नियमित, पालिका रोल और एचकेआरएनएल के सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हर साल नगर निकाय के खर्चे पर मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। नगर निकायों के नियमित कर्मचारियों, पेंशन धारकों और उनके आश्रितों को सरकारी कर्मचारियों की मेडिकल कैशलेस नीति का लाभ देने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है।
बीमा राशि बढ़ेगी
कार्य के दौरान मृत्यु होने पर पालिका रोल के सफाई वर्कर्स, जिनमें सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और सफाई दरोगा/हैड सीवरमैन शामिल हैं, के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत सहायता राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की स्वीकृति बनी है। एसबीआई में बचत खाता रखने वाले पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता पर 50 लाख रुपये, जबकि आंशिक दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये मिलेंगे।
चिरायु और मेडिकल अवकाश
पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-चिरायु में शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है। इसका 9203 रुपये प्रति कर्मचारी वार्षिक प्रीमियम संबंधित नगर निकाय वहन करेगा। एक कैलेंडर वर्ष में कुल 20 मेडिकल अवकाश देने पर भी सहमति बनी है।
पदोन्नति और भर्ती
योग्य सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को लिपिक (ग्रुप सी) पदों पर पदोन्नति देने के लिए संबंधित सेवा नियमों में संशोधन किया जाएगा। सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों की भर्ती के लिए प्रक्रिया तय होने के बाद एक महीने में चयन मापदंड बनाए जाएंगे और 15 दिन में विज्ञापन जारी होगा। मापदंड समिति में संघ का प्रतिनिधि भी सदस्य होगा। रिक्त पदों पर भर्ती समय-समय पर जारी रहेगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ
आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाएगा। पात्र कर्मचारियों को ईएसआई और ईपीएफ का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। हड़ताल अवधि के दिनों को अतिरिक्त कार्य लेकर समायोजित किया जाएगा। जाब सिक्योरिटी एक्ट के तहत मृत्यु के बाद परिवार को नौकरी और ग्रेच्युटी का प्रावधान है, जो प्रदान किया जा सकता है।
फायरकर्मियों की मांगों पर भी सहमति
हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के साथ हुई बैठक में भी उनकी मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बनी। शहीद भावीचंद शर्मा के परिवार को सरकार 60 लाख रुपये दे चुकी है। इसमें 20 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष, 10 लाख मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना और 30 लाख एमओयू के तहत बैंक ऑफ महाराष्ट्रा से दिए गए हैं। रणबीर के परिवार को 30 लाख रुपये मिल चुके हैं और बकाया 20 लाख रुपये जल्द दिए जाएंगे।
फायर भर्ती और भत्ते
भविष्य में ऐसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये देने की नीति बनाने को भी मंजूरी मिली है। दोनों दिवंगत कर्मचारियों के परिवार से अनुकंपा आधार पर नौकरी के लिए आवेदन आने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। फायर पे-रोल कर्मचारियों को पक्का करने के लिए फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के रिक्त पदों की भर्ती के मापदंड 45 दिन में बनाए जाएंगे और उसके अगले 15 दिन में विज्ञापन जारी होगा। समिति में यूनियन प्रतिनिधि भी रहेगा। फायरकर्मियों को 5000 रुपये जोखिम भत्ता और 7500 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता दिया जाएगा।
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