लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में विधेयक पर लंबी चर्चा हुई, लेकिन इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
#MonsoonSession2026#LokSabha passes the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026.
The Bill amends the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024, with the objective of further strengthening the legal framework to prevent paper… pic.twitter.com/vKdvn6RWN4
— SansadTV (@sansad_tv) July 29, 2026
जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना
विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतना महत्वपूर्ण कानून होने के बावजूद विपक्ष ने रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किया। जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इस विधेयक पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं किया।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सदन में इस्तेमाल की गई भाषा न केवल असंसदीय थी, बल्कि इतनी अनुचित थी कि उसे दोहराना भी सही नहीं होगा। जितेंद्र सिंह ने कहा कि जो लोग संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी होने का दावा करते हैं, उन्हें सदन के भीतर मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
चर्चा के दौरान कई बार हुआ हंगामा
विधेयक पर बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे सदन में कई बार शोर-शराबा और हंगामा हुआ। इसके बावजूद चर्चा पूरी होने के बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
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