नई दिल्ली में BRICS सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत मंडपम में मुलाकात हुई। इस दौरान PM मोदी ने पुतिन को तमिल साहित्य की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। मोदी ने कहा कि यह पुस्तक भारत और रूस के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने के साथ दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करने में भूमिका निभा सकती है।
तिरुवल्लुवर की रचना का रूसी रूपांतरण
पुस्तक सौंपते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल की विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संत तिरुवल्लुवर ने इस रचना में मानव जीवन और उसकी अनेक विशेषताओं को बेहद गहराई से प्रस्तुत किया है। मोदी ने उम्मीद जताई कि रूसी भाषा में इसका अनुवाद दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे की सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर देगा।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hold a bilateral meeting on the sidelines of BRICS Summit 2026.
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/KhlCIatMI2
— ANI (@ANI) September 11, 2026
133 अध्यायों में जीवन से जुड़े संदेश
तिरुक्कुरल को तमिल साहित्य की महान और विश्व प्रसिद्ध रचनाओं में गिना जाता है। इसे कई बार ‘तमिल वेद’ के नाम से भी जाना जाता है। करीब 2,000 साल से भी पहले कवि-दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रची गई इस कृति में 133 अध्याय और कुल 1,330 दोहे हैं। इनमें जीवन, नैतिकता, आचरण और मानवीय मूल्यों से जुड़े विचार प्रस्तुत किए गए हैं। यही वजह है कि इसे रोजमर्रा के जीवन के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक रचनाओं में माना जाता है।
कई भाषाओं में पहुंच चुकी है यह किताब
तिरुक्कुरल का दुनिया की कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और रूसी अनुवाद भी इसी विस्तार का हिस्सा है। तमिल समाज में तिरुवल्लुवर को संत, कवि और दार्शनिक के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने कई सार्वजनिक भाषणों में तिरुवल्लुवर और उनकी शिक्षाओं का उल्लेख कर चुके हैं। पुतिन को रूसी संस्करण भेंट किए जाने को भारत की प्राचीन साहित्यिक परंपरा को रूस तक पहुंचाने की एक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
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