उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Government) ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बारिश से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल जायजा लेने को कहा है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में खुद पहुंचकर हालात की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपको बता दें कि CM योगी ने प्रभावित परिवारों तक हर संभव मदद जल्द पहुंचाने और जलभराव के चलते लोगों को कोई परेशानी न हो यह सुनिश्चित करने को कहा है। इससे पहले योगी सरकार ने त्योहार से पहले महिलाओं को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की थी।
24 घंटे में होगा नुकसान का आकलन
CM योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। इसमें लोगों की जान जाने, पशुओं की मौत और संपत्ति या अन्य आर्थिक नुकसान का आकलन शामिल है।
उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद पात्र प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के लगातार संपर्क में रहने और उनकी जरूरतों की जानकारी लेते रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जलभराव से राहत के लिए निर्देश
देश के कुछ हिस्सों के साथ ही यूपी में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। CM योगी बािश से निपटने की हर व्यवस्था का ध्यान रख रहे हैं जिससे कि लंबे समय तक जलभराव की स्थिति न बनने पाए।
आपको बता दें कि जलभराव की वजह से आम लोगों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मौके की स्थिति देखने और जरूरत के मुताबिक तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से भी बारिश के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।
त्योहारों से पहले 681 सड़कें होंगी गड्ढामुक्त
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की 681 प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ के दौरान इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मार्गों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके साथ ही स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और बाजारों तक जाने वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों की आवाजाही आसान बनी रहे।