करीब पांच साल से चल रही IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) बैंक में अपनी कुल 60.72 फीसदी रणनीतिक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। खरीदारों की दौड़ में कनाडा की Fairfax Financial Holdings सबसे आगे बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने शुरुआती प्रस्ताव में संशोधन करते हुए करीब 53,000 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन वाला ऑफर दिया है।
सरकार और LIC बेचेंगे 60.72% हिस्सेदारी
रणनीतिक विनिवेश के तहत केंद्र सरकार IDBI Bank में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। वहीं LIC की ओर से 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी गई है। इस तरह दोनों की कुल हिस्सेदारी 60.72 फीसदी बनती है। IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया साल 2021 में शुरू हुई थी। इसके बाद नियामकीय मंजूरियों और अन्य वजहों से डील कई बार आगे नहीं बढ़ पाई। शुरुआती चरण में बोली लगाने वालों के प्रस्ताव सरकार की तय रिजर्व कीमत से नीचे रहे थे। जिसके बाद बोलीदाताओं को अपने ऑफर संशोधित करने का मौका दिया गया।
Fairfax ने बढ़ाई बोली
रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा की प्रेम वात्सा के स्वामित्व वाली Fairfax Financial Holdings ने संशोधित प्रस्ताव के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है। कंपनी की नई बोली करीब 81 रुपये प्रति शेयर के आसपास मानी जा रही है। इस कीमत के आधार पर सरकार और LIC की 60.72 फीसदी हिस्सेदारी का वैल्यूएशन करीब 53,000 करोड़ रुपये बैठता है।
हालांकि, डील को अंतिम रूप देने से पहले सरकार Fairfax के संशोधित प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि प्रस्तावित कीमत बैंक के उचित मूल्यांकन के अनुरूप है या नहीं। इसके बाद ही सौदे को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
आधिकारिक ऐलान के लिए सही समय का इंतजार
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार अब IDBI Bank विनिवेश के औपचारिक ऐलान के लिए उपयुक्त समय पर विचार कर रही है। सभी जरूरी पहलुओं और प्रस्ताव की जांच पूरी होने के बाद घोषणा की तारीख तय की जा सकती है।
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