सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने प्रभादेवी मंदिर में लगभग ₹18 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इस कथित घोटाले में दान की चोरी और दर्शन के लिए अनधिकृत मदद शामिल थी। ट्रस्ट के चेयरमैन सदा सरवणकर ने सोमवार को बताया कि इस मामले में 46 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है और नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट CID जांच की मांग करेगा।
शक होने पर ट्रस्ट ने ACB से मदद मांगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरवणकर ने आरोप लगाया कि मंदिर के कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों पर शक होने के बाद ट्रस्ट ने एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) से मदद मांगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा था, जिसके बाद मंदिर के कामकाज, जिसमें कैश गिनने की प्रक्रिया भी शामिल है, की निगरानी के लिए एक ACB अधिकारी को नियुक्त किया गया।
सरवणकर ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें से कुछ के संबंध शिवसेना (UBT) से थे। हालांकि, सोमवार शाम तक पार्टी ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
CCTV की जांच और निगरानी के बाद कार्रवाई हुई
सरवणकर के अनुसार, मंदिर के अलग-अलग एंट्री गेट पर ACB कर्मियों को तैनात किया गया था। साथ ही CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की गई, जिससे कथित गड़बड़ियों का पता चला और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सस्पेंड किए गए लोग चोरी में या मंदिर के नियमों का उल्लंघन करके भक्तों को दर्शन कराने में शामिल थे। सरवणकर ने राजन पेंडुलकर को मुख्य आरोपी बताया और दावा किया कि CCTV फुटेज से उनकी कथित भूमिका सामने आई, जिसके बाद उनसे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
ट्रस्ट का दावा है कि सख्ती के बाद दान में बढ़ोतरी हुई
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी राहुल लोंढे ने कहा, “घटना सामने आने के बाद मंदिर में दान में अचानक बढ़ोतरी हुई। दान में हुई इस बढ़ोतरी का ऑडिट होना चाहिए। हम पूरी सावधानी के साथ प्रशासन चला रहे हैं। दादर से लेकर मंदिर तक एक रैकेट चल रहा था और इसमें शामिल सभी लोगों को पकड़ लिया गया है।”
ट्रस्ट ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग VIP या विशेष दर्शन के नाम पर भक्तों से ऑनलाइन पेमेंट लेते थे। सरवणकर ने दावा किया कि इन आरोपों के संबंध में 19 और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मंदिर के पास फूलों की दुकानों के जरिए दर्शन के लिए इसी तरह की अनधिकृत व्यवस्थाएं चलाई जा रही थीं और कहा कि इसमें शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट का कहना था कि जांच का दायरा सिर्फ़ कैश गिनने तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसमें मंदिर की दर्शन व्यवस्था में कथित अनियमितताएं भी शामिल थीं।
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