Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। मोबाइल फोन की किस्त नहीं चुकाने पर एक मजदूर को रिकवरी एजेंटों ने अगवा कर चार दिन तक बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि इस दौरान उसके शरीर से जबरन एक यूनिट खून निकलवाया गया और उससे मजदूरी भी कराई गई।
किस्त के 2,799 रुपये ऑनलाइन वसूले
मजदूर की पहचान नेवल कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि रिकवरी एजेंटों ने उसके परिवार से मोबाइल की बकाया किस्त के 2,799 रुपये ऑनलाइन वसूल लिए। इसके अलावा नेवल को छोड़ने के बदले परिवार से 12 हजार रुपये की मांग की गई। परिवार ने निगोहां थाने में मामले की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से नेवल को छोड़ दिया गया।
एजेंट समेत तीन पर FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर FIR दर्ज की गई है। रिकवरी एजेंट शुभम सिंह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना निगोहां पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
एक साल पहले खरीदा था मोबाइल
नेवल की मां जदूराई, जो लखनऊ के राजारामखेड़ा पुरहिया गांव की रहने वाली हैं, ने बताया कि उनके छोटे बेटे ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर मोबाइल फोन खरीदा था। एक महीने बाद किस्त बकाया होने पर कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मोबाइल फोन छीनकर ले गए थे।
8 सितंबर को बहाने से ले गए
परिवार के अनुसार, आठ सितंबर को दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने नेवल को झांसा दिया और अपने साथ लेकर चले गए। इसके बाद परिवार को उसके ठिकाने और स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी।
ब्लड बैंक ले जाकर खून निकलवाने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, घर लौटने के बाद नेवल ने बताया कि उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसके शरीर से जबरन खून निकलवाया गया। इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया।
बंधक बनाकर कराई मजदूरी
नेवल ने परिवार को बताया कि बंधक बनाए रखने के दौरान उससे जबरन मजदूरी भी कराई गई। आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन उसे रैपिड कैब से थाने भेजा गया। इस कैब का किराया भी उसके भाई से भरवाया गया।
थाने पहुंचा तो बदहवास था मजदूर
परिवार का कहना है कि थाने पहुंचने के समय नेवल बदहवास हालत में था। उसकी मां ने आरोप लगाया कि कार्रवाई की मांग करने पर पुलिस ने नेवल को भी मामले में फंसा देने की धमकी दी और उसे घर भेज दिया।
निष्पक्ष जांच का पुलिस का दावा
डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने बताया कि पीड़िता की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। पुलिस अब दर्ज FIR के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
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