सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच मक्का अल-मुकर्रमा के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है। सरकार ने लोगों को संभावित खतरे से बचने के लिए घरों के अंदर रहने और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब के कई इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं।
मक्का में लोगों को क्या सावधानी बरतने को कहा
सऊदी प्रशासन ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने और घर के अंदर रहने की अपील की है। निर्देशों में खिड़कियों, कांच, बालकनी और छत से दूर रहने को कहा गया है। अगर कोई व्यक्ति बाहर है तो उसे नजदीकी इमारत में जाने या किसी मजबूत संरचना की आड़ लेने की सलाह दी गई है। मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहरों में से एक है, इसलिए यहां जारी अलर्ट को खास महत्व दिया जा रहा है।
تم إطلاق إنذار من المنصة الوطنية للإنذار المبكر في حالات الطوارئ في مدينة مكة المكرمة للتحذير من خطر، اتبع الآتي: pic.twitter.com/rmX6ip83oj
— الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) September 15, 2026
13 नागरिक घायल, खमीस मुशैत पर हमले का दावा
सऊदी कैबिनेट ने आम नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई के अधिकार को दोहराते हुए कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी रक्षा कर रही है। यमन के अधिकारियों के मुताबिक, ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू की है। हूती गुट ने खमीस मुशैत स्थित सैन्य एयरबेस पर हमला करने का दावा किया है, जहां एयरक्राफ्ट हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाने की बात कही गई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं।
हनिश द्वीपों पर कब्जे से लाल सागर का तनाव बढ़ा
अधिकारियों के मुताबिक हूती गुट लाल सागर के यमनी तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। सोमवार को यमनी सरकारी और हूती अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर और लेसर हनिश द्वीपों पर हूतियों ने कब्जा कर लिया है। ये द्वीप बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 160 किलोमीटर उत्तर में हैं। इस रास्ते से लाल सागर खुले समुद्र और सऊदी अरब के प्रमुख एशियाई व्यापारिक बाजारों से जुड़ता है। हूतियों की बढ़त के बाद वे जिबूती स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे से करीब 32 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गए हैं। इसी बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर खाड़ी देशों और ईरान के बीच प्रस्तावित बातचीत टलने से क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
Read More
बेंगलुरु में नकली कैंसर दवाओं के रैकेट का भंडाफोड़, 90 से ज्यादा अस्पतालों-क्लीनिकों में हुई रेड

