Anant Chaturdashi 2026: गणेश चतुर्थी के दिन यानी 14 सितंबर को घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की गई है। परंपरा के अनुसार गणेश जी का विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें और दसवें दिन किया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ होता है। इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
कब शुरू और खत्म होगी चतुर्दशी?
वैदिक पंचांग के मुताबिक भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को ही मनाई जाएगी।
अनंत चतुर्दशी की पूजा का समय
अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने का विधान है। इस दिन पूजा के लिए कुल 16 घंटे 55 मिनट का शुभ समय रहेगा। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 11 मिनट से रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
रवि योग में होगी अनंत चतुर्दशी
इस साल अनंत चतुर्दशी पर रवि योग भी बन रहा है। यह योग सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रवि योग में सूर्य का प्रभाव होने से दोषों का नाश होता है और इस योग में किए गए कार्य शुभ फलदायी माने जाते हैं।
दोपहर तक शूल योग, फिर गण्ड योग
अनंत चतुर्दशी के दिन शूल योग सुबह से दोपहर 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गण्ड योग शुरू होगा। शतभिषा नक्षत्र सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा और इसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र लग जाएगा।
सुबह गणेश विसर्जन का शुभ समय
25 सितंबर को गणेश विसर्जन के लिए सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। इस अवधि में चर, लाभ और अमृत चौघड़िया मुहूर्त शामिल हैं।
दोपहर और शाम में भी शुभ मुहूर्त
दोपहर में शुभ चौघड़िया मुहूर्त 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शाम में चर चौघड़िया मुहूर्त 4 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इन अवधियों में भी गणपति विसर्जन किया जा सकता है।
रात में भी कर सकते हैं गणपति विसर्जन
रात में गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा देर रात 12 बजकर 13 मिनट से 26 सितंबर की सुबह 4 बजकर 42 मिनट तक भी चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। इस दौरान शुभ, अमृत और चर मुहूर्त शामिल होंगे।
अगले साल फिर आने की प्रार्थना
गणपति विसर्जन से पहले भक्त भगवान गणेश से अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि गणपति बप्पा के शुभ आगमन से घर-परिवार में खुशहाली, शुभता और उन्नति आती है। विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी की कृपा से जीवन के संकट दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।
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