BRICS Summit 2026: BRICS सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली के भारत मंडपम में द्विपक्षीय मुलाकात की। करीब 40 मिनट चली इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली। पीएम मोदी और पुतिन ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे को गले लगाया।
तिरुक्कुरल की भेंट
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। किताब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “तिरुवल्लुवर साहब की लिखी किताब है। मानव मूल्यों से जुड़ी किताब है। उसका रूसी भाषा में अनुवाद मंगवाया है। हमारे संबधों को और मजबूत करेगा।”
कई अहम मुद्दों पर बातचीत
दोनों नेताओं की इस मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर थी। बैठक में व्यापार, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, आर्थिक सहयोग, परिवहन और दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। रूस भारत को अपना रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के संबंध उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hold a bilateral meeting on the sidelines of BRICS Summit 2026.
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/KhlCIatMI2
— ANI (@ANI) September 11, 2026
Su-57 पर भी नजर
बैठक से पहले रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने बताया था कि पुतिन के एजेंडे में भारत को Su-57 लड़ाकू विमान देने का मुद्दा भी शामिल है। Su-57 स्टील्थ तकनीक से लैस पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। रूस चाहता है कि भारत के साथ उसकी रक्षा साझेदारी को और विस्तार मिले और सहयोग का अगला अध्याय पहले से बड़ा हो।
105 विमानों की सप्लाई
पुतिन और मोदी की बैठक से ठीक पहले रूस ने भारत को 105 IL-114-300 सिविल विमानों की आपूर्ति की दिशा में बड़ा कदम उठाया। रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) ने क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमान Il-114-300 की सप्लाई के लिए भारत मंडपम में चल रही INNOPROM प्रदर्शनी के दौरान भारतीय कंपनियों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत पिनेकल एयर को 50 यूनिट और एयर केरल को 20 यूनिट तक विमान मिलने की बात सामने आई है।
रुपये-रूबल में कारोबार
भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार का बड़ा हिस्सा अब रुपये और रूबल के जरिए हो रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों और डॉलर के दबाव के बीच दोनों देशों ने भुगतान के वैकल्पिक रास्ते तलाशे हैं। हालांकि, रूस डॉलर को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि भुगतान के विकल्पों को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
रूसी तेल की हिस्सेदारी
अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत और रूस के बीच ऊर्जा कारोबार जारी रहा है। जुलाई 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 50.83 फीसदी पहुंच गई। यह करीब 24.7 लाख बैरल प्रतिदिन के बराबर है।
युद्ध के बीच मुलाकात
पीएम मोदी और पुतिन की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया रूस-यूक्रेन और ईरान-यूएस के दो बड़े युद्धों से प्रभावित है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच युद्ध की मौजूदा स्थिति और तेजी से बदलते वैश्विक रणनीतिक समीकरण पर भी चर्चा हुई।
शांति पर भारत का जोर
भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की पैरवी करता रहा है। इससे पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO यानी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है और युद्ध से शांति की तरफ बढ़ने की जरूरत है।
BRICS सम्मेलन पर नजर
भारत 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। वर्ष 2026 में BRICS के गठन के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन की बैठक को दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Read More:
योगी सरकार का बड़ा आदेश, त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त होंगी UP की ये 681 सड़कें

