मथुरा में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चल रहे अभियान के बीच खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कोसीकलां इलाके में जांच के दौरान एक बोलेरो वाहन से करीब 1000 किलो पनीर बरामद किया गया। अधिकारियों को पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध लगी, जिसके बाद इसके दो नमूने जांच के लिए भेजे गए। वहीं, विभाग ने पूरी खेप को मौके पर ही नष्ट करा दिया। खाद्य विभाग के मुताबिक, नष्ट किए गए पनीर की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये है।
नंदगांव रोड पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई खेप
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी क्रम में अधिकारियों ने कोसीकलां क्षेत्र के नंदगांव रोड पर वाहनों की जांच शुरू की थी। इसी दौरान एक बोलेरो को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में पनीर लदा मिला। जांच में सामने आया कि करीब एक हजार किलो पनीर राजस्थान के कामां क्षेत्र की एक डेयरी से मथुरा लाया जा रहा था। इसे यहां बिक्री के लिए पहुंचाया जाना था। अधिकारियों ने पनीर की गुणवत्ता की जांच की तो उन्हें इसकी स्थिति पर संदेह हुआ।
दो सैंपल जांच के लिए भेजे
खाद्य विभाग की टीम ने बरामद पनीर के दो नमूने लिए और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में पनीर संदिग्ध और स्वास्थ्य के लिहाज से अनुपयुक्त पाया गया। इसके बाद करीब 1000 किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। विभाग ने नष्ट की गई खेप की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर मिलने के बाद इसकी सप्लाई और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद पनीर की वास्तविक गुणवत्ता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
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