बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के एक बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी(Samrat Chaudhary) ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वायरल वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और सामान्य प्रशासन विभाग को परीक्षा नियंत्रक को निलंबित करने का आदेश दिया।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से बातचीत के बाद यह फैसला लिया। सरकार के इस कदम से यह संकेत गया है कि संवेदनशील मुद्दों पर अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा।
बयान पर पहले जताया था खेद
विवाद बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान पर सफाई भी दी थी। उनका कहना था कि उन्होंने केवल एक प्रचलित कहावत का इस्तेमाल किया था। हालांकि, अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो उन्होंने उसके लिए खेद जताया।
इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ और मुख्यमंत्री ने निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दे दिए। इससे पहले तेजस्वी यादव और जन सुराज की ओर से भी अधिकारी के बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की गई थी।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, 24 अगस्त को BPSC कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परीक्षा नियंत्रक ने कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।” उनका यह बयान कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई जब पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
TRE-4 के अभ्यर्थी निगेटिव मार्किंग खत्म करने और एक ही परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। BPSC ने स्पष्ट किया कि दोनों मांगों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी बीच परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए निलंबन के निर्देश जारी किए।