भारत में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ रही है। तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सम्मेलन को भारत के लिए अहम अवसर बताया है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने पिछले BRICS सम्मेलनों के ठोस परिणामों पर सवाल उठाए थे। ऐसे में शशि थरूर की टिप्पणी को पार्टी के भीतर BRICS को लेकर अलग नजरिए के तौर पर देखा जा रहा है।
थरूर बोले- ग्लोबल साउथ को मिल रहा बड़ा मंच
समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में शशि थरूर ने कहा कि भारत की मेजबानी में BRICS शिखर सम्मेलन ग्लोबल साउथ के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन BRICS के 11 महत्वपूर्ण देश यहां एक साथ आ रहे हैं। ऐसे में यह भारत के लिए बड़ी सम्मान की बात है। साथ ही शशि थरूर ने कहा कि इन देशों के विचारों में काफी विविधता है और इसके बावजूद वे एक साझा मंच पर जुट रहे हैं। उनके मुताबिक, इन देशों की अध्यक्षता इस समय भारत कर रहा है, इसलिए यह देश के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर है।
VIDEO | Delhi: Congress MP Shashi Tharoor says, "First of all, we're providing an important platform for the Global South. You know, the Global South is over 100 countries, but here we have 11 key players from the Global South who collectively represent much of the diversity of… pic.twitter.com/t29xaLVrgF
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026
41 फीसदी GDP और बड़ी आबादी वाले देशों की मेजबानी
BRICS की वैश्विक भूमिका का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि संगठन के 11 देश दुनिया की बड़ी आबादी और करीब 41 फीसदी वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने इसे भारत की विशेष कूटनीतिक एकजुटता दिखाने की क्षमता से जोड़कर देखा। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में BRICS के सदस्य और पार्टनर देशों के अलावा कई वैश्विक नेता भी शामिल हो रहे हैं। भारत इस बार सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेजबान देश के प्रमुख के तौर पर इसमें हिस्सा लेंगे।
Read More
हरियाणा में ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ का विस्तार, अब इन परिवारों की महिलाएं भी उठा पाएंगी लाभ

