अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस(Amritsar Police) ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ कार्रवाई करते हुए ISI समर्थित बताए जा रहे दो संदिग्ध मॉड्यूल का खुलासा किया है। इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें पांच वयस्क और चार नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ज्यादातर नाबालिग एक ऐसे मॉड्यूल का हिस्सा थे जिसे पेट्रोल बम बनाने और इस्तेमाल करने की कथित ट्रेनिंग दी गई थी।
पुलिस ने दावा किया है कि इस समूह के आठ सदस्य दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर भी गए थे। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि वहां उन्हें स्थानीय स्तर पर कुछ सहायता मिली जिसमें पेट्रोल बम तैयार करने के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध कराए जाने का भी आरोप है। पुलिस का मानना है कि इस पूरी गतिविधि के पीछे पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलरों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इस पहलू की जांच अभी जारी है।
रेलवे ट्रैक पर लगा रहे थे संदिग्ध कैमरे
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, एक मॉड्यूल रेलवे ट्रैक के ऊपर कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया कि इन कैमरों से मिलने वाली फुटेज सीमा पार भेजने की योजना थी। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए कैमरे और आरोपियों को बरामद कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, इस गतिविधि के लिए धन की व्यवस्था कथित तौर पर हवाला के माध्यम से की गई थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते दिखाई सतर्कता
पुलिस का कहना है कि दूसरे मॉड्यूल के सदस्यों को पेट्रोल बम बनाने और फेंकने का प्रशिक्षण दिया गया था। साथ ही उन्हें पुलिस और अन्य सुरक्षा संस्थानों की रेकी करने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की समय पर की गई कार्रवाई के कारण आरोपियों की कथित योजना सफल नहीं हो सकी। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी तलाश जारी है।