RBI MPC Meeting August 2026 Decisions: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) को 5.25% पर ही रखने का फैसला किया है। समिति ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख भी तटस्थ बनाए रखा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है और मजबूत घरेलू मांग आर्थिक वृद्धि को लगातार समर्थन दे रही है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा
RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। उनके अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में देश की आर्थिक गतिविधियां RBI के अनुमान से बेहतर रहीं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत को भी समर्थन मिलने की संभावना है।
वैश्विक चुनौतियों का भी जिक्र
संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव और अल-नीनो से जुड़े खतरे आर्थिक वृद्धि के लिए चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया का संघर्ष प्रमुख व्यापारिक मार्गों को प्रभावित कर रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।
महंगाई को लेकर क्या कहा?
RBI के अनुसार, निकट अवधि में कच्चे तेल और खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों के कारण खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, महंगाई तीसरी तिमाही में अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद घटने की संभावना है। गवर्नर ने कहा कि महंगाई में मौजूदा बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य और ईंधन की कीमतों की वजह से है और इसका असर व्यापक स्तर पर नहीं है।
GDP और महंगाई के अनुमान में बदलाव
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक को आने वाले समय में आर्थिक वृद्धि बेहतर रहने और महंगाई नियंत्रित रहने की उम्मीद है।
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