मंगलवार को सोने की कीमत 2,700 रुपये बढ़कर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, क्योंकि घरेलू बाजार में इस कीमती धातु की मजबूती बनी रही। 99.9% शुद्धता वाली इस धातु की कीमत पिछले सेशन में 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। मंगलवार को हुई बढ़ोतरी सोमवार की क्लोजिंग कीमत के मुकाबले लगभग 1.64% ज्यादा थी।
लगातार चौथे सेशन में बढ़त
इस ताजा बढ़ोतरी ने सोने की कीमत को 1.65 लाख रुपये के स्तर से ऊपर पहुंचा दिया और राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में लगातार मजबूती को दिखाया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की हालिया बढ़त में कुछ कमी आने के बावजूद घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में लगातार चौथे सेशन में भी तेजी बनी रही।
घरेलू कीमतों में टैक्स शामिल होते हैं और करेंसी में उतार-चढ़ाव, इंपोर्ट कॉस्ट, प्रीमियम और टैक्स की वजह से ये ग्लोबल स्पॉट कीमतों से अलग हो सकती हैं। दिल्ली बाजार के रेट ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन ने जारी किए।
चांदी की तेजी थमी
चांदी की चाल सोने से उलट रही, प्रॉफिट-बुकिंग की वजह से इसकी तीन सेशन से जारी तेजी रुक गई। सभी टैक्स मिलाकर चांदी की कीमत 3,500 रुपये यानी करीब 1.38% गिरकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
पिछले सेशन में यह 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। मंगलवार को गिरावट के बावजूद, चांदी अपनी बढ़त के बाद 2.50 लाख रुपये के अहम स्तर पर बनी रही। घरेलू बाजार में दोनों धातुओं की चाल अलग-अलग रही, सोने की कीमतों में बढ़त जारी रही, जबकि चांदी में लगातार तीन सेशन की तेजी के बाद बिकवाली का दबाव देखा गया।
ग्लोबल बुलियन मार्केट में कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बुलियन की कीमतों में नरमी आई क्योंकि दोनों कीमती धातुओं ने हालिया बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया। पिछले दो सेशन में बढ़त के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत 11.87 डॉलर यानी 0.26% गिरकर 4,639.51 डॉलर प्रति औंस हो गई। विदेशी बाजार में चांदी पर दबाव बना रहा। इसकी कीमत 1.04% गिरकर 67.88 डॉलर प्रति औंस हो गई, जो लगातार दूसरा सेशन था जब इसमें गिरावट आई।
ग्लोबल बाजार में गिरावट के उलट दिल्ली में सोने का प्रदर्शन मजबूत रहा, जहां इसकी कीमतों में चार दिन से जारी तेजी बनी रही। हालांकि, चांदी की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजार के कमजोर रुख के अनुरूप रही, क्योंकि घरेलू बाजार में प्रॉफिट-बुकिंग से कीमतें नीचे आ गईं। बाज़ार की नज़र इस बात पर रहेगी कि क्या सोना अपनी रिकॉर्ड-तोड़ रफ़्तार बनाए रख सकता है और क्या गिरावट के बाद चांदी में स्थिरता आती है।
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