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‘रावण’ के रूप में ट्रम्प? ईरानी दूतावास ने भारत को विश किया दशहरा, निशाने पर रहे ट्रम्प!

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तीखा जुबानी जंग और मीम वॉर जारी है। इसी कड़ी में भारत स्थित ईरानी दूतावास ने ‘एक्स’ पर भारतीय नागरिकों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर कड़ा कटाक्ष किया है। दूतावास द्वारा साझा की गई तस्वीर पर लिखा गया, “जब ट्रम्प को आखिरकार अपनी गलती का एहसास होता है।” जारी तनाव के बीच इस प्रतीकात्मक पोस्ट को ट्रम्प पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

 

बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश

ईरानी दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में भारतीय त्योहार के महत्व को रेखांकित करते हुए लिखा कि बुराई के अंधकार को हमेशा अच्छाई का प्रकाश दूर करता है और सत्य, साहस तथा सद्भावना की ही जीत होती है। दूतावास ने उम्मीद जताई कि यह पर्व भारत में शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा लेकर आएगा। चूंकि दशहरा भगवान राम की रावण पर विजय और रावण दहन का प्रतीक है, इसलिए ईरान ने भारतीय परंपरा के माध्यम से डोनाल्ड ट्रम्प को असत्य के पक्ष में खड़ा करने का प्रयास किया है।

ट्रम्प के खिलाफ AI वीडियो और मीम्स की सीरीज

यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति का मखौल उड़ाया हो। युद्ध के माहौल के बीच ईरानी पक्ष लगातार एआई (AI) वीडियो, चुटकुलों और तंजभरे मीम्स का सहारा लेकर डोनाल्ड ट्रम्प पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। दशहरे के अवसर पर रावण दहन के प्रतीकात्मक संदर्भ के जरिए ईरान ने दुनिया के सामने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अमेरिकी नीतियां पूरी तरह गलत हैं और इस संघर्ष में अंततः सच्चाई की ही जीत होगी।

2026 में लगातार बिगड़ते गए दोनों देशों के हालात

अमेरिका और ईरान के बीच जमीनी हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच पूर्ण सैन्य टकराव शुरू हो गया था। हालांकि जून 2026 में एक अस्थाई सीजफायर (संघर्ष विराम) पर सहमति बनी थी, लेकिन यह व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और फिर से हमले शुरू हो गए। वर्तमान में दोनों देश एक-दूसरे को आर्थिक और सैन्य रूप से भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं।

तेल सप्लाई और होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव

इस युद्ध का सबसे संवेदनशील पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य है, जो पूरे विश्व के तेल और गैस व्यापार के लिए जीवनरेखा माना जाता है। अमेरिका ने प्रतिबंधों के जरिए ईरान के तेल निर्यात पर नकेल कसने की कोशिश की है, जबकि ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा का हवाला देकर प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर ट्रम्प का उड़ाया जा रहा यह मजाक दोनों देशों के बीच गहरे कूटनीतिक तनाव को साफ बयां करता है।

 

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