रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी सेना ने रात और सुबह के वक्त यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ‘कीव इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इन ताजा और विध्वंसक हमलों की वजह से आधे यूक्रेन में बिजली पूरी तरह से गुल हो गई है। कड़ाके की सर्दी के मुहाने पर खड़े देश के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है।
12 से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप
यूक्रेन की सरकारी बिजली कंपनी ‘उक्रेनर्गो’ के अनुसार, 20 अक्टूबर की सुबह देश के कुल 12 क्षेत्रों में बिजली कटौती दर्ज की गई। ऊर्जा मंत्रालय के पहले उप मंत्री आर्टेम नेक्रासोव ने बताया कि किरोवोहराद, झितोमिर, लवीव, ओडेसा, रिव्ने, टेरनोपिल, खमेलनित्स्की, जापोरिज्जिया, दोनेत्स्क, खारकीव, सूमी और चेर्निहाइव जैसे अहम इलाके इसकी चपेट में आए हैं। लगातार हो रहे इन हमलों से कई उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
लागू हुआ कटौती का शेड्यूल
बिजली संकट से निपटने और पहले से क्षतिग्रस्त ग्रिड उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी के निर्देशों के तहत पूरे देश में औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति को सीमित किया जा रहा है। इसके साथ ही, आम जनता को मैनेज करने के लिए कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में हर घंटे बिजली कटौती का नया शेड्यूल भी लागू कर दिया गया है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
28 सबस्टेशनों पर बरसीं मिसाइलें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक दिन पहले खुलासा किया था कि रूस ने सुनियोजित रणनीति के तहत 28 बिजली सबस्टेशनों और ऊर्जा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। उनके मुताबिक, इस भारी-भरकम हमले में रूस ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 200 से अधिक घातक ड्रोनों का इस्तेमाल किया, जिनका मुख्य केंद्र कीव और उसका आसपास का क्षेत्र था। यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर सर्दियों से पहले ऊर्जा तंत्र को तबाह कर रहा है।
पाँचवीं सर्दी का सामना करने की तैयारी में यूक्रेन
साल 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद से यूक्रेन अब अपनी पाँचवीं सर्दी का सामना करने जा रहा है। कड़ाके की ठंड के मौसम में बिजली और हीटिंग सिस्टम का फेल होना आम नागरिकों के लिए जीवन-मरण का सवाल बन जाता है। यूक्रेनी नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मानवीय संकट के खिलाफ और अधिक समर्थन की अपील की है, जबकि रूसी हमलों का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है।
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