मध्य प्रदेश के सागर जिले की पुलिस को रविवार तड़के एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बांदा में हुई दर्दनाक जहरीली शराब त्रासदी के मुख्य आरोपी और 30 हजार रुपये के इनामी तस्कर शिवांजय राजपूत को पुलिस ने एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। सटीक सूचना के आधार पर जब बांदरी और बहरोल थाना पुलिस की टीमों ने मडैया के जंगलों से छपरी गांव की तरफ आ रहे आरोपी की घेराबंदी की, तो उसने पुलिस टीम पर तीन राउंड फायर झोंक दिए। पुलिस की ओर से की गई आत्मरक्षात्मक जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मौके से पिस्तौल, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद
हाफ एनकाउंटर के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध हथियारों और अन्य सामान का जखीरा जब्त किया है। बरामद सामान में एक 315-बोर की देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, तीन चले हुए कारतूस के खोल, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल शामिल है। तीन संगीन आपराधिक मामलों में नामजद शिवांजय राजपूत अवैध शराब के बड़े नेटवर्क का संचालन करता था। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन में शामिल सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रिटायर्ड जस्टिस चौहान की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित
इस भीषण शराब त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसका मुख्यालय सागर रहेगा। यह आयोग तीन प्रमुख बिंदुओं मौतों के वास्तविक कारण, आबकारी व पुलिस अधिकारियों की भूमिका तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट 3 महीने के भीतर सरकार को सौंपेगा।
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