Oscar 2027: फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी FFI ने 18 सितंबर 2026 को संतोष दवाखर की मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री घोषित किया। फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। 33 फिल्मों पर विचार करने के बाद जूरी ने ‘गोंधल’ का चयन किया।
33 फिल्मों के बीच मुकाबला
इस साल भारत की ओर से ऑस्कर एंट्री के लिए कुल 33 फिल्में दौड़ में थीं। इनमें 14 हिंदी, जबकि मराठी, तेलुगु और गुजराती की चार-चार फिल्में शामिल थीं। तमिल की तीन फिल्मों के अलावा मलयालम, कोन्याक और नेपाली भाषा की एक-एक फिल्म तथा एक साइलेंट फिल्म भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा थी।
क्या है गोंधल की कहानी
फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक ‘गोंधल’ लोकपरंपरा की पृष्ठभूमि में बनी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है। कहानी एक ही रात के दौरान होने वाले गोंधल अनुष्ठान के बीच रिश्तों, रहस्य, हत्या, छल और संघर्ष को सामने लाती है। फिल्म में लोकसंगीत, नृत्य, धार्मिक मान्यताओं और महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति को कहानी के साथ जोड़ा गया है।
लोकपरंपरा बनी कहानी का आधार
‘गोंधल’ महाराष्ट्र की सदियों पुरानी धार्मिक लोककला से जुड़ा अनुष्ठान है, जिसमें देवी-देवताओं की आराधना के साथ गायन, संगीत और नृत्य की परंपरा शामिल होती है। फिल्म इसी सांस्कृतिक माहौल को सस्पेंस और थ्रिलर के साथ जोड़ती है। मुख्य भूमिका में इशिता देशमुख हैं, जबकि कलाकारों में किशोर कदम, योगेश सोहोनी, निशाद भोईर और अनुज प्रभु भी शामिल हैं।
जूरी ने क्यों चुना?
FFI की 14 सदस्यीय जूरी ने 33 फिल्मों का मूल्यांकन किया। जूरी सदस्य विवेक वासवानी के अनुसार, फिल्म की कहानी एक ऐसी रात के इर्द-गिर्द है जिसमें रहस्य और हत्या के बीच पूरा घटनाक्रम पारंपरिक संगीत और नृत्य से जुड़े उत्सव की पृष्ठभूमि में चलता है।
पहले भी मिली पहचान
ऑस्कर एंट्री से पहले भी ‘गोंधल’ को पहचान मिल चुकी है। इसके निर्देशक संतोष दवाखर ने 2025 के 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में बेस्ट डायरेक्टर के लिए सिल्वर पीकॉक पुरस्कार जीता था।
अनुराग कश्यप ने उठाए सवाल
फिल्म के भारत की आधिकारिक एंट्री बनने के बाद निर्देशक अनुराग कश्यप ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘हम बिल्कुल गलत फिल्मों का चयन करते हैं’ और ‘द लंचबॉक्स’ और ‘ऑल वी इमैजिन ऐज लाइट’ जैसी फिल्मों का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ऑस्कर के लिए फिल्मों के चयन में राजनीति का असर पड़ता है।
फिल्म देखे बिना टिप्पणी
हालांकि कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘गोंधल’ अभी तक देखी नहीं है। इसलिए उन्होंने फिल्म की गुणवत्ता पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका सवाल मुख्य रूप से भारत की ऑस्कर चयन प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्मों को पहले से पहुंच दिलाने को लेकर था।
निर्देशक ने दिया जवाब
कश्यप की टिप्पणी के बाद संतोष दवाखर ने उनसे फिल्म देखने के बाद राय बनाने की अपील की। दवाखर ने बताया कि दोनों की पहले मुलाकात हुई थी और उस समय भी कश्यप ने फिल्म न देखने की बात कही थी।
ऑस्कर की राह अभी बाकी
‘गोंधल’ का भारत की आधिकारिक एंट्री बनना ऑस्कर तक पहुंचने का पहला चरण है। अब फिल्म को आगे इंटरनेशनल फीचर फिल्म की शॉर्टलिस्ट और फिर अंतिम नामांकन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस बीच फिल्म की अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग और ऑस्कर कैंपेन पर भी टीम काम कर रही है।
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