गेस्ट हाउस में मिला सामान
अधिकारियों के मुताबिक, कोलकाता निवासी संजय सरदार टीटवाल के एक गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था। वह वहां से अचानक लापता हो गया। सुरक्षाबलों और जांच अधिकारियों ने उसके कमरे की तलाशी ली, जहां उसका आधार कार्ड और अन्य निजी सामान मिला। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान आधार कार्ड फर्जी पाए जाने की बात सामने आई।
संवेदनशील इलाके में जाने की अनुमति
अधिकारियों ने बताया कि संजय सरदार अकेले तंगधार पहुंचा था। टीटवाल एलओसी के नजदीक स्थित संवेदनशील सीमांत क्षेत्र है, इसलिए वहां जाने के लिए निर्धारित अनुमति जरूरी होती है। संजय ने क्रालपोरा पुलिस स्टेशन से टीटवाल जाने की आधिकारिक अनुमति ली थी।
शनिवार को दर्ज हुई गुमशुदगी
शनिवार को उसके लापता होने की पुष्टि होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। इसके साथ ही सुरक्षाबलों और पुलिस ने उसकी तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया। टीमें उसके संभावित ठिकानों और आवाजाही से जुड़े सुरागों की जांच कर रही हैं।
चिनैनी में मिली मोबाइल लोकेशन
जांच के दौरान तकनीकी टीम ने संजय सरदार के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया। इसके बाद उसकी लोकेशन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उधमपुर जिले के चिनैनी इलाके में सक्रिय मिली। इससे जांचकर्ताओं का ध्यान टीटवाल से काफी दूर चिनैनी तक उसकी संभावित आवाजाही पर गया है।
आवाजाही की जांच जारी
अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि एलओसी के पास स्थित संवेदनशील क्षेत्र से संजय बिना किसी सूचना के राजमार्ग तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। पुलिस उसके लापता होने से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
जांच के अहम सवाल
फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल क्यों किया गया, संजय टीटवाल से कब और किस रास्ते से निकला तथा चिनैनी तक उसकी यात्रा किन परिस्थितियों में हुई—इन बिंदुओं पर भी जांच केंद्रित है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य लापता पर्यटक का पता लगाना और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है।
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