अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पुरानी आदत से मजबूर पाकिस्तान ने एक बार फिर बगदाद में आयोजित बैठक के दौरान कश्मीर का घिसा-पिटा मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। हालांकि, इस बार भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बेहद सख्त और स्पष्ट रुख अपनाते हुए ऐसा जोरदार पलटवार किया कि पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) दोनों सन्न रह गए हैं। भारत ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि भारत के आंतरिक मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष को टांग अड़ाने का कोई हक नहीं है और OIC को पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगैंडा का लाउडस्पीकर बनना तुरंत बंद कर देना चाहिए।
PoK में जारी दमन और भारतीय कश्मीर में विकास की बयार
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को बेनकाब करते हुए कहा कि एक तरफ अवैध कब्जे वाले पाकिस्तान-ऑक्यूपाइड कश्मीर (PoK) की जनता बुनियादी अधिकारों और सहूलियतों के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रही है, जहां दमन का दौर, अत्याचार और मीडिया ब्लैकआउट जारी है। वहीं दूसरी तरफ, भारतीय कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से विकास का नया युग शुरू हो चुका है। आज वहां पर्यटन के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है और अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
‘गेट आउट ऑफ PoK’ और आतंकवाद पर सख्त संदेश
भारत ने OIC को बिना लाग-लपेट याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। हमारे आंतरिक मामलों में किसी तीसरे को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। भारत ने पाकिस्तान को सीधा संदेश देते हुए कहा कि यदि बातचीत करनी ही है, तो सबसे पहले अवैध रूप से कब्जाए गए PoK को खाली किया जाए और सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए।
OIC की गिरती साख और पाकिस्तान की नाकामी
पाकिस्तान अपनी आतंरिक कंगाली, अशांति और विफलताओं को छिपाने के लिए लगातार OIC जैसे मंचों का इस्तेमाल करता आया है। भारत ने OIC को आईना दिखाते हुए कहा कि बार-बार पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने से वैश्विक मंच पर उसकी अपनी विश्वसनीयता दांव पर लग चुकी है। भारत के इस कड़े और स्पष्ट रुख ने साफ संकेत दे दिया है कि अब देश की संप्रभुता के खिलाफ फैलाए जा रहे किसी भी झूठे एजेंडे को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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