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यमन में भीषण नरसंहार, हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले में 53 सैनिकों की मौत

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित सरकारी सेना को निशाना बनाकर एक बेहद खौफनाक और बड़ा हमला किया है। रॉयटर्स को सरकारी और मेडिकल कॉलेज के चार सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, सोमवार को यमन के शबवा प्रांत में एक मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर हुए इस बैलिस्टिक मिसाइल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में 18 लोगों के मारे जाने की खबर थी। सुबह के वक्त जब सैनिक प्रशिक्षण ले रहे थे, तब हूती विद्रोहियों ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर इस तबाही को अंजाम दिया।

मध्य पूर्व में गहराता क्षेत्रीय संघर्ष

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन और राजधानी सना व उत्तरी हिस्सों पर काबिज हूतियों के बीच हालिया हफ्तों में संघर्ष काफी तेज हो गया है। जानकारों के अनुसार, यह हिंसा फरवरी के अंत में ईरान पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुए व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का ही एक नया और खतरनाक मोर्चा बन चुकी है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया है।

सऊदी सीमा के भीतर रियाद और नजरां पर भी हमले

हूती विद्रोहियों का आतंक सिर्फ यमन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने सऊदी अरब की सीमा के अंदर भी हमले तेज कर दिए हैं। रविवार को नजरां के एक रिहायशी इलाके में हूती गुट का एक प्रोजेक्टाइल आ गिरा, जिसके धमाके में 6 आम नागरिक घायल हो गए और 3 मकानों व 3 वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि सिविल डिफेंस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और इसके खिलाफ तय कानूनी प्रक्रियाएं लागू कर दी गई हैं। दोपहर के वक्त शहर में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया था, जिसे बाद में हटा लिया गया।

हालिया हमलों का खौफनाक सिलसिला और जवाबी कार्रवाई

यह हमला हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े हमलों में शुमार है। इससे पहले 15-16 अक्टूबर 2026 को हूतियों ने अदन के राष्ट्रपति महल (अल-माशिक पैलेस) पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसमें 5 लोगों की जान गई थी और 16 घायल हुए थे, हालांकि प्रधानमंत्री सुरक्षित बच गए थे। इसके अगले दिन अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी दो मिसाइलें गिरी थीं। इसके अलावा, सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद हवाई अड्डे पर हुए हमलों में लगभग 17 लोगों की मौत हुई थी जिसके कारण हवाई अड्डा बंद करना पड़ा था, और ढहरान में सऊदी अरामको के मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया था। फिलहाल, सऊदी गठबंधन लगातार हूती मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर प्रभावी जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

 

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