Flydubai Incident: UAE अभियोजन पक्ष ने फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हुई गंभीर घटना को ‘आतंकी हमला’ बताया है। जांच में सामने आया है कि ओमान के सह-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के भीतर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की। UAE के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने कहा है कि घटना की परिस्थितियों, मकसद और संभावित संबंधों की जांच अभी जारी है।
कॉकपिट में ही मौजूद थी क्रैश कुल्हाड़ी
क्रैश कुल्हाड़ी विमान में आपातकालीन उपकरणों का हिस्सा होती है और कॉकपिट में इसकी मौजूदगी विमानन सुरक्षा नियमों के अनुरूप है। उपलब्ध विमानन नियमों के मुताबिक बड़े यात्री विमानों में कम से कम एक क्रैश कुल्हाड़ी या क्रोबार फ्लाइट डेक पर रखा जाता है। इसलिए हमले में इस्तेमाल हुई कुल्हाड़ी विमान के कॉकपिट में मौजूद आपातकालीन उपकरण का हिस्सा थी।
34 हजार फीट पर शुरू हुआ संकट
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान कुछ ही समय में करीब 15,600 फीट तक नीचे आ गया और उतरने की रफ्तार लगभग 23,000 फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई। रिपोर्टों के अनुसार विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे; Reuters ने यात्रियों और क्रू समेत कुल 174 लोगों की संख्या बताई है।
सह-पायलट ने विमान पर कब्जे की कोशिश की
UAE की जांच के अनुसार सह-पायलट ने पहले कैप्टन पर कॉकपिट में क्रैश कुल्हाड़ी से हमला किया और इसके बाद विमान के फ्लाइट कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इससे विमान की उड़ान बेहद अस्थिर हो गई और वह तेजी से नीचे जाने लगा। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए।
घायल हालत में कैप्टन ने खोला कॉकपिट
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी बची हुई ताकत का इस्तेमाल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद क्रू सदस्यों और यात्रियों ने अंदर पहुंचकर सह-पायलट को काबू में किया। इस कार्रवाई से विमान पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिली। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित रूप से उतारा गया।
UAE में जारी है आतंकी एंगल की जांच
UAE अभियोजन पक्ष ने कहा है कि जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं, हमले के मकसद और किसी संभावित कनेक्शन का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने तकनीकी जांच के साथ भौतिक और डिजिटल सबूतों का भी विश्लेषण शुरू किया है। UAE ने घटना को आतंकी कृत्य की कोशिश बताया है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही इसके पीछे की पूरी वजह और संभावित संबंधों की तस्वीर साफ होगी।
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