राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 का कार्यक्रम जारी हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 14,403 पंचायतों के आम चुनाव कराने की घोषणा की है। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही संबंधित पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने कहा है कि राज्य में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने की दिशा में चुनाव प्रक्रिया कराई जा रही है।
8, 13, 19 और 21 अक्टूबर को मतदान
पंचायत समिति सदस्यों और पंच-सरपंच के चुनाव चार चरणों में होंगे। मतदान की तारीखें 8, 13, 19 और 21 अक्टूबर तय की गई हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा। जिला परिषद के चुनाव 23 अक्टूबर को होंगे, जबकि उप सरपंच के चुनाव 26 अक्टूबर को कराए जाएंगे। मतगणना का कार्यक्रम भी जारी किया गया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की गिनती 20 नवंबर, जिला प्रमुख की 25 नवंबर और उप प्रधान की मतगणना 28 नवंबर को होगी। बारां, करौली, कोटा और झालावाड़ में कार्यकाल पूरा कर चुकी पंचायती राज संस्थाओं के प्रधान और उप प्रधान के चुनाव दिसंबर में कराए जाएंगे।
नामांकन से लेकर लाउडस्पीकर तक नियम तय
चुनाव आयोग ने नामांकन और प्रचार के दौरान भी कई व्यवस्थाएं निर्धारित की हैं। नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवार के साथ अधिकतम पांच लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। निर्वाचित प्रमुख, उप प्रमुख, प्रधान, उप प्रधान, पंच और सरपंच विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इसके इस्तेमाल पर रोक रहेगी। चुनाव वाले क्षेत्रों में तबादलों पर रोक रहेगी। पहले से चल रहे विकास कार्य जारी रह सकेंगे, लेकिन नए टेंडर या नए कार्यादेश जारी नहीं किए जा सकेंगे। दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान केंद्र तक लाने और वापस पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग कतार की सुविधा होगी। प्रत्येक मतदान केंद्र के बाहर वोटर असिस्टेंट बूथ भी बनाया जाएगा।
3.17 लाख कर्मचारी और 2.72 लाख पुलिसकर्मी तैनात
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक पंचायत चुनावों के लिए 3,17,688 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में 2,72,304 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। हर जिले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। जैसलमेर और फलौदी में पंचायत चुनाव एक चरण में होंगे, जबकि जयपुर में चार चरणों में मतदान कराया जाएगा। जिला परिषदों में सबसे अधिक मतदाता जयपुर में और सबसे कम जैसलमेर में बताए गए हैं। पंचायत समितियों में खंडेला और ग्राम पंचायतों में जैतारण में मतदाताओं की संख्या अधिक है, जबकि देवली-बीसलपुर में सबसे कम मतदाता बताए गए हैं। उधर, भाजपा ने भी पंचायत चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने 3 अक्टूबर को संभागवार चुनाव संचालन समितियों से संबंधित आदेश जारी किया। जयपुर संभाग की जिम्मेदारी ओंकार सिंह लखावत और अल्का सिंह गुर्जर, जबकि अजमेर संभाग की जिम्मेदारी ज्ञानचंद पारख और जोगेश्वर गर्ग को दी गई है।
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