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अब सर्दी में अलाव तापने पर भी लगेगा मोटा जुर्माना? 1 नवंबर से दिल्ली में बदल जाएंगे ये नियम, आज ही जान लें

Delhi Winter Action Plan: दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक पर्यावरण संबंधी नियम सख्त रहेंगे। राजधानी में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है. इस बार दशहरा के बाद एनसीआर की हवा खराब होने के कारण ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण भी लागू किया जा चुका है। ऐसे में खुले में आग जलाने से जुड़े नियमों को समझना बेहद जरूरी है।

क्या ठंड में अलाव जलाने पर भी होगी कार्रवाई?

दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान और आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के GRAP के तहत खुले में अलाव जलाना प्रतिबंधित है। सूखे पत्ते, कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक, रबर और अन्य बायोमास जलाने पर भी कार्रवाई हो सकती है। यानी ठंड से बचने के लिए खुले में लकड़ी या दूसरी चीजें जलाना भी नियमों के दायरे में आएगा।

‘जीरो बर्निंग’ अभियान के तहत रोकथाम

विंटर एक्शन प्लान में ‘जीरो बर्निंग’ अभियान शामिल किया गया है। इसके तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), सोसायटियों, बाजार संघों और ठेकेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में खुले में जलाने की घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। सर्दियों में अलाव से होने वाले धुएं और प्रदूषण को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा गार्डों के लिए बनेंगे हीटिंग स्पॉट

सरकार ने सुरक्षा गार्डों और रात के समय बाहर काम करने वाले लोगों को ठंड से बचाने के लिए हीटिंग स्पॉट या हीटिंग बूथ की व्यवस्था करने का प्रावधान रखा है। इसका उद्देश्य यह है कि ठंड से बचने के लिए कर्मचारी खुले में आग न जलाएं और इससे होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

खुले में कूड़ा जलाने पर ₹5,000 का जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के 2014-2015 के आदेशों के अनुसार, खुले में कूड़ा, सूखे पत्ते, प्लास्टिक या अन्य कचरा जलाने पर ₹5,000 का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जा सकता है। वहीं एनडीएमसी क्षेत्र में कुछ मामलों में खुले में कचरा जलाने पर ₹7,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

RWA और सोसायटी भी हो सकती हैं जिम्मेदार

अगर कोई सोसायटी, RWA, ठेकेदार या नियोक्ता अपने कर्मचारियों, जैसे सुरक्षा गार्डों को खुले में अलाव जलाने की अनुमति देता है, तो उनकी भी जिम्मेदारी तय की जा सकती है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई संभव है। इसलिए खुले में किसी भी तरह की सामग्री जलाने से बचने की सलाह दी गई है।

ड्रोन से भी रखी जा रही नजर

प्रशासन खुले में आग जलाने और कचरा जलाने की घटनाओं पर निगरानी बढ़ा रहा है। अधिकारियों को लैंडफिल और डंपिंग साइट्स पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके। निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

मौके पर ही वसूला जा सकता है जुर्माना

खुले में कूड़ा या अलाव जलाने पर लगाया जाने वाला जुर्माना मौके पर ही वसूला जा सकता है। जिला प्रशासन के डिप्टी तहसीलदार और उससे ऊपर के अधिकारी, MCD तथा NDMC के सैनेटरी इंस्पेक्टर जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत हैं। वसूली गई जुर्माने की राशि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के खाते में जमा की जाती है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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