Tesla India: एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में कदम रखकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। भारत में कंपनी की कारों की बिक्री शुरू हुए करीब एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन पहले वित्तीय वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि यहां से टेस्ला को मिला शुद्ध मुनाफा बेहद छोटा रहा। खरबों डॉलर की संपत्ति वाले एलन मस्क के कारोबारी साम्राज्य के मुकाबले भारत से हुई यह कमाई बहुत कम दिखाई देती है।
FY26 में ₹247.31 करोड़ का कारोबार
टेस्ला की भारतीय इकाई टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी ने वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 में कुल ₹247.31 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। इसके मुकाबले FY25 में कंपनी की कमाई सिर्फ ₹20.83 करोड़ थी, जो पूरी तरह सर्विसेज से हुई थी। कारों की बिक्री शुरू होने के बाद कंपनी के रेवेन्यू में करीब 12 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
शुद्ध मुनाफा सिर्फ ₹5.16 करोड़
रेवेन्यू में भारी इजाफे के बावजूद शुद्ध मुनाफे की तस्वीर उतनी प्रभावशाली नहीं रही। FY26 में टेस्ला इंडिया का नेट प्रॉफिट केवल ₹5.16 करोड़ रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष FY25 में कंपनी ने ₹55.49 लाख का मुनाफा दर्ज किया था। यानी भारत में कारोबार बढ़ने के बावजूद कंपनी का मुनाफा रेवेन्यू की तुलना में काफी सीमित रहा।
कारों की बिक्री से आए ₹214.69 करोड़
टेस्ला की नियामकीय फाइलिंग के मुताबिक, FY26 के कुल ₹247.31 करोड़ के रेवेन्यू में ₹214.69 करोड़ की रकम गाड़ियों की बिक्री से आई। वहीं कंपनी ने भारत में सर्विसेज के जरिए ₹32.40 करोड़ जुटाए। इससे साफ है कि भारतीय कारोबार में कारों की बिक्री कंपनी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है।
कारोबार बढ़ा तो खर्च भी तेजी से बढ़ा
कंपनी की कमाई बढ़ने के साथ भारत में कारोबार खड़ा करने का खर्च भी काफी बढ़ गया. FY26 में टेस्ला का कुल खर्च करीब ₹240 करोड़ तक पहुंच गया। कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर खर्च FY25 के ₹13.46 करोड़ से बढ़कर ₹43.67 करोड़ हो गया। इसी तरह शोरूम और कार्यालयों के किराये का खर्च ₹2.64 करोड़ से बढ़कर ₹30.32 करोड़ पहुंच गया।
भारत में दो मॉडल बेच रही टेस्ला
फिलहाल टेस्ला भारत में दो मॉडल बेच रही है। 5-सीटर ‘मॉडल Y’ की शुरुआती कीमत ₹50.89 लाख है, जबकि 6-सीटर मॉडल YL की कीमत ₹61.99 लाख से शुरू होती है। कंपनी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में अपने एक्सपीरियंस सेंटर भी खोल चुकी है।
हर महीने औसतन 49 कारों की हुई बिक्री
जुलाई 2025 में मुंबई में पहला शोरूम खोलने के बाद टेस्ला ने भारत में मॉडल Y की डिलीवरी शुरू की। वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच देश में टेस्ला के 346 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इस हिसाब से कंपनी ने हर महीने औसतन 49 कारें बेचीं।
अब बिक्री की रफ्तार में हुआ इजाफा
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में टेस्ला की 650 गाड़ियों की बिक्री हो चुकी है। इस दौरान कंपनी की औसत मासिक बिक्री बढ़कर 108 यूनिट हो गई है। यानी शुरुआती महीनों की तुलना में भारत में टेस्ला की बिक्री की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन कंपनी के सामने अब भी भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी और बिक्री को बड़े स्तर पर बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
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