9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय लड़ाई और उससे जुड़े पुराने मामलों की चर्चा हुई। बैठक में अमेरिका ने अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से लेकर ISIS नेता अबू बकर अल-बगदादी और अल-जवाहिरी तक का जिक्र किया। इस दौरान एक खास बात यह रही कि अमेरिका की ओर से लादेन का उल्लेख किए जाने के समय पाकिस्तान भी सुरक्षा परिषद की उसी मेज पर मौजूद था। पाकिस्तान फिलहाल UNSC का अस्थायी सदस्य है।
अमेरिका ने किया आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र
अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्ज ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए बिन लादेन को खोजा गया और ISIS के कब्जे वाले इलाके को खत्म किया गया। उन्होंने अल-बगदादी और अल-जवाहिरी के मारे जाने का भी जिक्र किया। 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के आतंकियों ने चार विमानों का अपहरण किया था। इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर से टकराए थे। हमले में हजारों लोगों की मौत हुई थी। 9/11 की साजिश का प्रमुख आरोपी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के ऐब्टाबाद में छिपा था, जहां मई 2011 में अमेरिकी नेवी सील्स ने गुप्त अभियान के दौरान उसे मार गिराया था।
पांच साल बाद सुरक्षा परिषद का साझा बयान
बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने करीब पांच साल बाद आतंकवाद के मुद्दे पर साझा प्रेसिडेंशियल बयान अपनाया। इसमें 9/11 हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा की गई और कहा गया कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। सुरक्षा परिषद ने यह भी कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, देश, सभ्यता या किसी विशेष समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बयान में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने या किसी भी तरह का समर्थन देने को संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन बताया गया।
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