संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तटीय इलाकों में तेल रिसाव का संकट गहराता जा रहा है। यूरोपीय संघ के कोपरनिकस सैटेलाइट नेटवर्क की 24 अक्टूबर 2026 की तस्वीरों में समुद्र में तेल की परत का विस्तार होता दिखाई दिया है। रिसाव अब उत्तरी अमीरात उम्म अल क्वैन के तट के करीब पहुंच गया है। इससे समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। एहतियात के तौर पर कई इलाकों में समुद्र तटों को बंद कर दिया गया है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
उम्म अल क्वैन से रास अल खैमाह तक समुद्र तट बंद
UAE के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को बताया था कि तट से दूर एक टैंकर से तेल रिस रहा है और उसे फैलने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय इस घटना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन भी कर रहा है। तेल के तट के करीब पहुंचने के बाद उम्म अल क्वैन शहर के आसपास के सभी समुद्र तटों और तटीय इलाकों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। पड़ोसी अमीरात शारजाह के अल हमरिया बीच पर भी लोगों की पहुंच रोक दी गई है। वहीं, रास अल खैमाह के अधिकारियों ने 24 अक्टूबर को अगले आदेश तक सभी समुद्र तट बंद करने की घोषणा की। यह क्षेत्र अपने खूबसूरत समुद्र तटों और लग्जरी रिसॉर्ट्स के लिए जाना जाता है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी अबू धाबी के वाटर रिसर्च सेंटर के निदेशक और इंजीनियरिंग के प्रोफेसर निदाल हिलाल ने रॉयटर्स से कहा कि उम्म अल क्वैन के पास तेल का रिसाव गंभीर पर्यावरणीय चिंता पैदा करता है। उनके मुताबिक, तेल के फैलाव की सीमा और उसकी दिशा का सही आकलन होने तक समुद्र तटों को बंद रखना एहतियात के लिहाज से उचित है।
सैटेलाइट तस्वीरों में मिले संकेत
UAE के अधिकारियों ने अभी तक न तो संबंधित टैंकर का नाम सार्वजनिक किया है और न ही रिसाव की सटीक वजह बताई है। हालांकि, विशेषज्ञों ने बताया कि तेल का रिसाव ‘जेम नंबर 2’ नामक टैंकर से हो सकता है। शिपिंग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने इस जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिसके बाद उसमें आग लग गई थी। आग पर बाद में काबू पा लिया गया था। कोपरनिकस सेंटिनल-2 सैटेलाइट की तस्वीरों में जहाज से निकलती तेल की परत दिखाई दी है। तस्वीरों में टैंकर का आकार और डेक की बनावट पुरानी तस्वीरों से मेल खाते हैं। जहाज के दाईं ओर ऊपरी ढांचे के पास जले हुए निशान भी नजर आए हैं। इन निशानों की तुलना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की ओर से जारी फुटेज में दिखाई दिए जले हुए हिस्से से की गई है। हालांकि, रिसाव की आधिकारिक पुष्टि और उसके कारणों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
खाड़ी में जहाजों पर हमलों के बीच समुद्री जीवों पर खतरा
अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र के समुद्री रास्तों में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के जलक्षेत्र में जहाजों पर हमलों से समुद्री प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर सबसे ज्यादा हमले दर्ज किए गए। तेल रिसाव का असर समुद्री जीवों और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ सकता है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के अनुसार, UAE के समुद्री क्षेत्र में मछलियों, समुद्री पौधों और मूंगों की समृद्ध विविधता मौजूद है। खाड़ी के पानी में मछलियों की 500 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा, यहां डॉल्फिन और समुद्री कछुए भी रहते हैं। ऐसे में तेल का फैलाव इन जीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचा सकता है। फिलहाल, अधिकारी रिसाव को नियंत्रित करने और पर्यावरण पर उसके प्रभाव का आकलन करने में जुटे हैं।
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