केरलम के कन्नूर जिले में रविवार देर रात दो संदिग्ध विस्फोटों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दोनों धमाके कन्नवम क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हुए, जिनकी आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। शुरुआती जांच में स्टील बम के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। धमाकों के प्रभाव से आसपास की कुछ इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो पाई है।
रात 11:30 बजे से आधी रात के बीच हुए धमाके
पुलिस के मुताबिक, दोनों विस्फोट रविवार रात करीब 11:30 बजे से आधी रात के बीच हुए। पहला धमाका कन्नवम फॉरेस्ट रेंज ऑफिस के पास हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट पास के चुंडायिल इलाके में दर्ज किया गया। अचानक तेज आवाज सुनाई देने के बाद आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए और उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम दोनों स्थानों पर पहुंची और इलाके की तलाशी ली। घटनास्थलों के आसपास की सड़कों पर विस्फोटक पदार्थों के अवशेष भी मिले हैं। धमाकों के कारण आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि विस्फोट किस वजह से किए गए और इसके पीछे किसी व्यक्ति या समूह का हाथ है या नहीं।
बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली। टीमों ने दोनों घटनास्थलों से नमूने और अन्य संभावित सबूत जुटाए हैं। इनकी जांच के जरिए विस्फोट में इस्तेमाल किए गए पदार्थ और बम की प्रकृति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि कैमरों में कैद गतिविधियों से धमाकों के समय इलाके में मौजूद संदिग्ध लोगों या वाहनों के बारे में जानकारी मिल सकती है। फिलहाल, विस्फोटों के पीछे की वजह और संभावित आरोपियों को लेकर जांच जारी है।
विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज
कन्नवम पुलिस ने दोनों घटनाओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शुरुआती तौर पर संदेह जताया गया है कि विस्फोटों में स्टील बम का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। ऐसे बमों में धातु के खोल का उपयोग किया जाता है, जिससे विस्फोट के दौरान आसपास नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। हालांकि, स्टील बम के इस्तेमाल की पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थलों से मिले सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों धमाकों के मामले में किसी की गिरफ्तारी या पहचान की जानकारी सामने नहीं आई है।
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