Sawan Somwar 2026: सावन महीने का पहला सोमवार पूरे देश में गहरी आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कांवड़ यात्रा शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं और आज सावन का पहला सोमवार है जिस वजह से लाखों शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। गुजरात में अरब सागर की लहरों के बीच स्थित पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर से लेकर मोक्ष की नगरी काशी के काशी विश्वनाथ मंदिर तक, हर जगह गहरी आस्था का माहौल है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में भारी भीड़
सावन के इस शुभ पहले सोमवार पर भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं, फूल चढ़ा रहे हैं, प्रार्थना कर रहे हैं और उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। भक्त काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान विश्वेश्वर की मंगला आरती में भी शामिल हो रहे हैं। इसी तरह, ओडिशा के पुरी में लोकनाथ मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी है।
चांदनी चौक मंदिर में आस्था का सैलाब
चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में भी आस्था का सैलाब देखने को मिला। सुबह-सुबह ही दर्शन और भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा।
झारखंड के देवघर मंदिर में भारी भीड़
झारखंड के देवघर में सावन के इस पहले सोमवार को बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। इस बीच, देवघर के एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि आज सावन के पवित्र महीने का पहला सोमवार है और उसी के अनुसार तैयारियां की गई हैं।
दूधेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
गाजियाबाद स्थित प्रसिद्ध दूधेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। कोई दूध से अभिषेक कर रहा है तो कोई बेलपत्र और गंगाजल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहा है। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। बाराबंकी के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के पहले सोमवार पर आस्था का विशाल जनसैलाब देखने को मिला।
केदारेश्वर मंदिर में दक्षिण भारतीय परंपरा से पूजा
इटावा के केदारेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के पहले सोमवार पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। यहां दक्षिण भारत के तमिलनाडु से बुलाए गए पंडा-पुजारियों की देखरेख में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। पूजा के दौरान दक्षिण भारतीय शैली के वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।
काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा
वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कमिश्नर एस. राजलिंगम और मंदिर के सीईओ ने श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए। मंदिर में सुबह से भारी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं।
सावन सोमवार का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखकर जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने और व्रत कथा सुनने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
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