रूस ने यूक्रेन के बिजली उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऊर्जा क्षेत्र की 15 से अधिक अहम सुविधाओं पर हमला हुआ है। इन हमलों से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है और आपूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत का काम जारी है। जेलेंस्की के अनुसार, लुत्स्क, रिव्ने, झितोमिर, विनित्सिया, शेपेतिवका, स्लावुता और नेतिशिन में ऊर्जा व्यवस्था पर खासा असर पड़ा है। इसके अलावा खारकीव, कीव और निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्रों में भी ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस सर्दियां शुरू होने से पहले देश की बिजली और हीटिंग व्यवस्था को कमजोर करना चाहता है।
12 घंटे में 320 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलों से हमला
जेलेंस्की के मुताबिक, शुक्रवार शाम 7 बजे से शनिवार सुबह 7 बजे के बीच रूस ने यूक्रेन पर 320 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागीं। हमले में शाहेद ड्रोन के अलावा क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। जेलेंस्की ने मरम्मत और बहाली के काम में जुटे कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सहयोगी देशों से एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की अपील भी की। उनका कहना है कि ऊर्जा ढांचे पर ऐसे हमलों से आम लोगों की बिजली और सर्दियों में हीटिंग की जरूरतों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सर्दियों से पहले ऊर्जा व्यवस्था को निशाना बनाने का आरोप
जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमलों का उद्देश्य सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और हीटिंग सप्लाई को बाधित करना है। ऊर्जा ढांचे पर हमले ऐसे समय हुए हैं, जब ठंड के मौसम में बिजली और गर्मी की आपूर्ति बनाए रखना यूक्रेन के लिए अहम चुनौती है। यूक्रेन लगातार अपने ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने और क्षतिग्रस्त सुविधाओं को जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से अपील की कि वे रूसी हमलों का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करें।
ट्रंप के फैसले पर जेलेंस्की ने जताई नाराजगी
जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंधों और टैरिफ को लेकर लिए गए फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूस पर आर्थिक दबाव कम होने से उसे युद्ध जारी रखने का प्रोत्साहन मिल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने 16 अक्टूबर को लिंडसे ग्राहम कानून के तहत प्रस्तावित कड़े टैरिफ लागू करने से छूट दी थी। जेलेंस्की ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि रूस पर दबाव बनाए रखना जरूरी है। ऊर्जा ठिकानों पर ताजा हमलों के बीच यूक्रेन की ओर से सैन्य सहायता और रूस के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई बढ़ाने की मांग फिर सामने आई है।
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