Greater Noida 5 Deaths Case Suspense: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मृतकों में महेश, उनकी पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। सभी के शव घर के एक कमरे में बिस्तर पर मिले। शुरुआती तौर पर चाय और नूडल्स खाने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के बाद मौत की वजह को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षण नहीं मिले
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि सामान्य तौर पर फूड पॉइजनिंग होने पर उल्टी, दस्त और पेट में मरोड़ जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं। इस मामले में ऐसे कोई ठोस लक्षण सामने नहीं आए हैं। खाद्य पदार्थों के प्राथमिक निरीक्षण में भी फूड पॉइजनिंग का स्पष्ट मामला नजर नहीं आया। अधिकारी के मुताबिक किसी अत्यंत विषैले या रासायनिक पदार्थ की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और विसरा की रासायनिक जांच के बाद ही होगी।
संपत्ति विवाद ने जांच को दिया नया मोड़
पुलिस की जांच में अब परिवार के भीतर चल रहे संपत्ति विवाद का पहलू भी सामने आया है। ललिता के मायके वालों ने आरोप लगाया है कि करीब 10 बीघा जमीन और मकान के मालिकाना हक को लेकर उसका अपनी सास और ननद से लंबे समय से विवाद चल रहा था। मायका पक्ष ने इसी विवाद को आधार बनाते हुए हत्या और जहर दिए जाने की आशंका जताई है। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।
मृतका की मां ने भी लगाए गंभीर आरोप
मृतक महेश की सास ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी और दामाद की मौत के पीछे महेश की मां का हाथ हो सकता है। घटनास्थल पर मौजूद दो अन्य महिलाओं ने भी इसे हत्या बताया और इसके पीछे संपत्ति विवाद को वजह होने का दावा किया। हालांकि, ये आरोप अभी जांच का विषय हैं और पुलिस ने किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
खुदकुशी के एंगल से भी जांच
पुलिस इस मामले में आत्महत्या की संभावना को भी खारिज नहीं कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि महेश कथित तौर पर डिप्रेशन में था और उसके पास कोई संपत्ति नहीं बची थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों का इस घटना से कोई संबंध है।
चाय-नूडल्स खाने के बाद सोया था परिवार
परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार रात में मेला देखने गया था। वहां से लौटने के बाद घर में नूडल्स यानी मैगी बनाई गई और परिवार के सदस्यों ने उसे चाय के साथ खाया। इसके बाद सभी सोने चले गए। सुबह बच्चे स्कूल और परीक्षा के लिए नहीं उठे तो महेश की मां कमरे में पहुंचीं, जहां पांचों के शव बिस्तर पर पड़े मिले।
एक सवाल ने बढ़ाया शक
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर घर में चाय और नूडल्स खाने से मौत हुई, तो महेश की मां ने वही खाना क्यों नहीं खाया और वह सुरक्षित कैसे रहीं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। घर में मौजूद अन्य लोगों के बयान और खाने के नमूनों की जांच से इस सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने घर किया सील
पांचों शव मिलने के बाद पुलिस ने उस घर को सील कर दिया है। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और महेश की मां को अलग कमरे में बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी परिवार के सदस्यों से घटना से पहले की गतिविधियों, भोजन और पारिवारिक विवाद से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार के मुताबिक, सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मौत की सही वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, खाद्य पदार्थों के नमूने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस जमीन विवाद, पारिवारिक रंजिश, जहर और आत्महत्या समेत हर संभावित पहलू की जांच कर रही है।
विसरा रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज
फिलहाल पांचों मौतों की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। शुरुआती स्तर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी को इसके स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। अब पोस्टमार्टम, विसरा की रासायनिक जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और पुलिस पूछताछ की रिपोर्ट ही बताएगी कि यह घटना जहरीले पदार्थ, हत्या, आत्महत्या या किसी अन्य वजह से हुई।
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